GarhwaJharkhandLead News

4जी और 5जी के जमाने में भी लोग चुआड़ी का पानी पीने को विवश

Garhwa: आज दुनिया चांद पर जाने लगी है. आदमी 4जी और 5जी की दुनिया में लगा पड़ा है, लेकिन गढ़वा जिले के बंशीधर नगर (नगर उंटारी) अनुमंडल से 16 किलोमीटर दूर भवनाथपुर के धनीमंडरा और कोन मंडरा गांव के लोग आज भी चुआड़ी से पानी पीने को विवश हैं. ग्रामीण सुबह होते ही पहाड़ी के किनारे स्थित चुआड़ी से पानी भरने के लिए जमा हो जाते हैं. क्योंकि उस गांव में एक ही चापाकल है, बाकी सब खराब पड़े हैं.

ग्रामीणों की मानें तो गांव में फ्लोराइड की समस्या भी है. अभी तो गर्मी के शुरुआती दौर में ही पेयजल की समस्या घर आने लगी है. जानकारी के अनुसार इस गांव में लगे सरकारी चापाकल, जलमीनार वर्षों से खराब पड़े हुए हैं. वहीं कुएं भी पूरी तरह से सुख चुके हैं, जिसके चलते गांव के लोगों को पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है.

कई लोग नदी किनारे चुआड़ी खोदकर प्यास बुझाने की जदोजेहद में हर दिन लगे रहते हैं. गांव की आबादी करीब पांच सौ है. गांव में खराब पड़े चापाकल की मरम्मत करा कर लोगों को पीने का पानी उपलब्ध कराने हेतु गांव की ही सामाजिक संस्था सुपर स्टार ग्रुप द्वारा प्रखंड प्रशासन से लेकर पीएचडी के अधिकारियों को कई बार लिखित व मौखिक जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन गांव में पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त कराने की दिशा में कोई पहल अबतक नहीं हो सकी है.

पेयजल व स्वच्छता विभाग द्वारा नीर निर्मल परियोजना अंतर्गत ग्रामीणों को जलापूर्ति से पेयजल उपलब्ध कराने लिए गत 15 सितंबर 2017 को विधायक भानु प्रतात शाही के द्वारा जल मिनार का उद्घाटन कराया था.

परंतु उसके कुछ ही दिन बाद से यह योजना शोपीस बनकर रह गयी है. जल मीनार को लगभग 24.86 लाख रुपए की लागत से बनाया गया है. जिससे दो टोलों के 84 घरों को पानी देना है. जल मीनार की क्षमता 16800 लीटर है, परंतु वर्तमान समय में किसी भी काम का नहीं है.

इसे भी पढ़ें:कोरोना संकट: सिमडेगा, दुमका और रांची के आवासीय प्रशिक्षण केंद्रों में बच्चे हुए संक्रमित, विभाग ने लिया संज्ञान

क्या कहते हैं ग्रामीण

ग्रामीण महिला सविता देवी बताती हैं कि चुआड़ी का पानी घर ले जाकर हम लोग कपड़ा से छानकर पीते हैं. उन्होंने कहा कि आज तक हम लोगों की पानी की समस्या खत्म नहीं हुई. कोरोना से अधिक तो इस गंदे पानी के पीने से हम गांव वाले मरेंगे.

वही गांव की बुजुर्ग महिला यशोदा देवी कहती हैं कि जिंदगी भर से गंदा पानी पीते आ रहे हैं. कई तरह की बीमारियां होती रहती हैं. बोर होने के बाद भी अब पानी नहीं मिल पाता. एक चुआड़ी पर पूरा गांव आश्रित है.

वही उमेश महतो कहते हैं कि जल मिनार शोपीस बनकर रह गया है. विधायक मद से लगाया गया चापानल भी खराब हो गया है. आरोप लगाते हैं कि विधायक मद द्वारा लगाया गया चापाकल में टीना का पाइप लगाया गया. इसलिए सब खराब हो चुका है.

वही गढवा के उपायुक्त राजेश कुमार पाठक ने बताया कि आपके द्वारा ये मामला आया है मेरे पास. हम प्राथमिकता के आधार पर अविलंब कार्रवाई कर पेयजल की समस्या दूर करेंगे.

इसे भी पढ़ें:मौसम में होगा बदलाव, 11 अप्रैल तक छाये रहेंगे बादल, हल्की बारिश की भी उम्मीद, गर्मी से लोगों को मिलेगी राहत

Related Articles

Back to top button