Corona_UpdatesNational

दिल्ली सरकार की कमिटी का अनुमान: राजधानी में जून आखरी तक होंगे Corona के एक लाख से अधिक केस

New Delhi: पूरा देश कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रहा है. इस वायरस के खिलाफ पूरा देश लड़ रहा है. कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार देश में बढ़ रही है.

दिल्ली सरकार की अपनी कोरोना कमिटी का कहना है कि वायरस के खिलाफ राजधानी के लिए जून का महीना बहुत ही अहम है. जिस तरह से जून के पहले हफ्ते में कोरोना केस के मामलों में तेजी आयी है उससे हालात आने वाले दिनों में और भी खराब होते दिख रहे हैं. कमिटी का अनुमान है कि जून महीना खत्म होते तक दिल्ली में कोरोना के एक लाख से ज्यादा केस होंगे.

इसे भी पढ़ें- अटल वेंडर मार्केट : 90 रुपये प्रति स्क्वायर फीट दुकान के किराये पर लोगों ने नहीं दिखायी रुचि, अब 40 रुपये प्रति स्क्वायर फीट पर देगा निगम

advt

क्या कहना है कमिटी के चेयरमैन का

कमिटी द्वारा यह अनुमान लगाये जाने के बाद दिल्ली सरकार से उसने 15 हजार अतिरिक्त बेड्स की व्यवस्था करने की बात कही है. कमिटी के चेयरमैन डॉ महेश वर्मान के मुताबिक उनकी टीम ने मुंबई, चेन्नई, अहमदाबाद जैसे शहरों के ट्रेंड्स पर स्टडी की है. उन्होंने कहा कि हमारे कैलकुलेशन के मुताबिक जून के आखरी तक दिल्ली में कोरोना वायरस के एक लाख से अधिक केस होंगे. इसे ध्यान में रखते हुए हमने 15 हजार बेड्स तैयार करके रखने की सलाह दिल्ली सरकार को दी है.

वहीं एक दूसरे अधिकारी के मुताबिक दिल्ली में 15 दिनों में कोरोना के केस दोगुने हो रहे हैं. हमारे अनुमान के अनुसार केस और बढ़ेंगे. जिसके बाद दिल्ली के करीब 25 प्रतिशत मरीजों को हॉस्पिटल में भर्ती करनाने की जरूरत पड़ेगी.

इसे भी पढ़ें- केजरीवाल का बड़ा फैसला : प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में अब सिर्फ दिल्ली के कोरोना मरीजों का होगा इलाज

 भर्ती मरीजों में ज्यादातर होंगे Hypoxia संक्रमित

भर्ती सभी मरीजों में से अधिकतर मरीज Hypoxia से संक्रमित होंगे. जबकि 5 प्रतिशत मरीजों को वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत होगी. इसे देखते हुए हमने सरकार से ज्यादा से ज्यादा ऑक्‍सीजन सप्‍लाई अरेंज करने की सलाह दी है. Hypoxia एक ऐसी कंडीशन होती है जब शरीर या शरीर के किसी हिस्‍से को टिश्‍यू लेवल पर पर्याप्‍त ऑक्‍सीजन नहीं मिलती है.

adv

गौरतलब है कि दिल्ली सरकार के द्वारा इस कमिटी का गठन किया गया था. कमिटी का काम दिल्ली के सभी अस्पतालों में तैयारियों को देखना, वहां के हेल्थ हेल्‍थ इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर को कसना और कोरोना से लड़ाई के लिए बेहतर मैनेजमेंट की गाइडलाइंस बनाना है.

इसे भी पढ़ें- भारत-चीन सीमा विवाद : कमांडर लेवल की बातचीत के बाद शांतिपूर्ण समझौते के लिए चीन राजी

advt
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button