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एस्सेल इंफ्रा पर फंसा है 1.10 करोड़ रुपये, आवेदन दे कॉट्रेक्टरों ने लगायी गुहार

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Ranchi: शहर की सफाई का जिम्मा संभाल रही रांची एमएसडब्ल्यू पर 1.10 करोड़ राशि बाकी होने का मामला सामने आया है. राशि नहीं मिलने से परेशान अब संबंधित कॉट्रेक्टरों ने नगर आयुक्त और मीडिया को पत्र लिख सहायता करने की गुहार लगायी है. इसमें से एक कॉट्रेक्टर आशा बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड है, जिसका कंपनी पर करीब 82 लाख रुपये बकाया है. वहीं साईं बाबा इंटरप्राइसेस का कंपनी पर करीब 28 लाख रुपये बाकी है. नगर आयुक्त को लिखे आवेदन में कॉट्रेक्टर आशा बिल्डकॉन के निर्मल कुमार सिंह ने कहा है कि शहर में बनाये तीन एमटीएस पर कंपनी के पास करीब 82 लाख रुपये बाकी है, जिसका अबतक भुगतान नहीं किया गया है. वही साईबाबा इंटरप्राइसेस के केदार पासवान ने मीडिया को पत्र लिख कंपनी पर बाकी 28 लाख बकाया राशि फंसे होने की बात की है. उन्होंने कहा है कि बकाया राशि को लेकर पहले ही नगर आयुक्त को उन्होंने आवेदन दिया था. शुक्रवार को वे फिर नगर आयुक्त से मिलने की तैयारी में है.

3 स्टेशनों पर किया गया काम, 82 लाख रुपये का बना बिल

आवेदन में निर्मल सिंह ने कहा है कि शहर में उनके द्वारा निगम क्षेत्र के तीन मिनी ट्रांसफर स्टेशन (एमटीएस) बनाया था. इसमें हरमू, मधुकम सहित टैक्टर स्टेंड में बना एमटीएस शामिल है. इसके अलावा उनकी कंपनी ने कांटाटोली, मोराहबादी लोकेशन पर भी कई काम को किया था. इन सभी कामों पर उनका करीब 82 लाख रुपये खर्च हो चूका है, जिसका बिल (अप्रैल 2018) एस्सेल इंफ्रा को दिया गया है.

A टू Z की तरह छोड़ सकती है कंपनी काम

उन्होंने कहा है कि कंपनी को सौंपे गये 82 लाख के बिल पर उन्हें अब तक केवल 10 लाख रुपये की राशि ही भुगतान की गयी है. शहर की सफाई कार्य में कंपनी का रवैया ठीक नहीं है. जिस तरह से सफाई कार्य देख रही पहले की कंपनी ए टू जेड ने सफाई काम को अधूरा छोड़ दिया था. संभवतः उसी तरह एस्सेल इंफ्रा कंपनी भी निगम क्षेत्र में काम छोड़ने की तैयारी में है. अगर ऐसा होता है, तो कंपनी के पास फंसे राशि नहीं होने का खतरा बन सकता है. जरूरी है कि कंपनी पर आवश्यक कार्यवाही करते हुए बकाया राशि देने का दबाव बनाया जाये.

कंपनी का है 28 लाख रुपये बाकी, देते हैं धमकी

वहीं मीडिया से किये आवेदन में केदार पासवान ने गुहार लगायी है कि झिरी स्थित कचरा डंपिग यार्ड में कूड़ा को डम्प करने के लिए कंपनी एस्सेल इंफ्रा ने उनसे पोकलेन भाड़े पर लिया था. इसकी राशि करीब 28 लाख बनती है. इस बकाया राशि का अबतक भुगतान नहीं किया गया है. जब भी कंपनी से राशि भुगतान करने की बात कही जाती है, तो कंपनी के अधिकारी आनाकानी करते है. जब इनसे पोकलेन बंद करने की बात कही जाती है, तो कंपनी के अधिकारी बकाया रुपये नहीं देने की धमकी देते हैं.

निगम के अधिकारियों में नहीं है सांमजस्य, वहीं नगर आयुक्त से नहीं हो सका संपर्क

कंपनी के बकाया राशि नहीं मिलने के सवाल पर निगम के अधिकारियों के बीच भी सामंजस्य होता नहीं दिख रहा है. निगम की स्वास्थ्य पदाधिकारी किरण कुमारी का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है. इस संदर्भ में निगम के इंजीनियर विभाग से ही जानकारी मिल सकती है. वहीं इंजीनियर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एस्सेल इंफ्रा कंपनी से संबंधित जानकारी स्वास्थ्य पदाधिकारी से ही मिल सकती है. जब इस संदर्भ में निगम के नगर आयुक्त मनोज कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका है.

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