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एस्सेल इंफ्रा चोर है, उसका एक भी आदमी सही नहीं है : आशा लकड़ा

Ranchi:  एस्सेल इंफ्रा (आरएमएसडब्ल्यू प्रालि) के रांची नगर निगम पर लगाये आरोप के बाद निगम जनप्रतिनिधि असमंसज स्थिति पर है. सारे वार्डों में सफाई कार्य नहीं होने का कारण कंपनी ने निगम पर थोप दिया है. इस आरोप से नाराज मेयर आशा लकड़ा ने कहा है कि कंपनी तो खुद ही चोर है. जब वह 33 वार्डो में सफाई कार्य नहीं संभाल सकती है, तो 53 वार्ड में कंपनी कैसे काम करेगी. डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय ने तो कह दिया कि कंपनी को छोडिए, RMC को आवार्ड मिला है. आज तारीफ कीजिए. मालूम हो कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 में भी राज्य के 5 शहरों को विभिन्न कैटगरी में अव्वल शहरों की सूची में जगह मिली है. सर्वेक्षण में जिन शहरों को अवार्ड के लिए चयन हुआ है, उसमें रांची,  फुसरो,  गुमला, चतरा और चक्रधरपुर शामिल है.

क्या कूड़े में रहने को विवश होगी जनता या कंपनी जाएगी बाहर

शहर में कूड़े का उठाव नहीं होने से नाराज निगम ने तीन दिन पहले कंपनी को एक शो-कॉज नोटिस भेजा था. इस संदर्भ में न्यूज विंग को डिप्टी मेयर ने बताया था कि सोमवार को इसे लेकर एक बैठक प्रस्तावित है. उन्होंने बैठक को आर-पार के निर्णय वाला बताया था. लेकिन अब कंपनी ने जिस तरह से निगम पर सफाई कार्य नहीं किये का आरोप लगाया है, उससे निगम के अधिकारी नहीं समझ पा रहे है, कि क्या किया जाये. अब देखना होगा कि सोमवार की प्रस्तावित बैठक में क्या निगम कंपनी को टर्मिनेट करने की पहल करेगी या एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलेगा. अगर केवल यही होता है तो शहरवासी एक बार फिर कूड़े में रहने को विवश होने को मजबूर होंगे.

SIP abacus

34 करोड़ का नुकसान, निगम है जिम्मेवार

Sanjeevani
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मालूम हो कि एस्सेल इंफ्रा के कॉरपोरेट कम्युनिकेशन विभाग के अधिकारी गोपाल गुप्ता ने सभी वार्डों में सफाई कार्य पूरा नहीं होने का जिम्मेवार निगम को बताया था. उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2015 में किये गये  एकरारनामा के तहत कंपनी को अबतक 53 वार्डों की सफाई का जिम्मा मिल जाना था. जबकि अभी मात्र 33 वार्ड का काम ही कंपनी को हैंड ओवर किया गया है. यदि सभी वार्डों में सफाई का काम मिलता, तो कंपनी को कई करोड़ का फायदा होता. लेकिन ऐसा नहीं होने से कंपनी को प्रतिमाह 1.20 करोड़ के लिहाज से अबतक 34 करोड़ का नुकसान हो चूका है. नुकसान की भरपाई के सवाल पर निगम ने तो कंपनी को नोटिस भेज दिया है.

सोमवार को होगी बैठक

करीब एक सप्ताह से 33 वार्डों में सफाई कार्य ठप होने से नाराज निगम ने कंपनी को एक शो-कॉज नोटिस भेजा है. यह बैठक सोमवार को निगम सभागार में प्रस्तावित है. बैठक में निगम के जनप्रतिनिधियों के अलावा कंपनी के अधिकारी भी उपस्थिति रहेंगे. ड़िप्टी मेयर ने बताया कि यह बैठक आर-पार की होगी. इसमें कंपनी को हटाने पर भी विचार किया जा सकता है. हालांकि जिस तरह से कंपनी ने ही निगम पर सारा आरोप लगा दिया है, उससे कल की बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

जनप्रतिनिधियों का बयान काफी हस्यास्पद 

निगम पर लगाये गये आरोप के सवाल पर मेयर और डिप्टी मेयर का बयान काफी हस्यास्पद सामने आया है. मेयर आशा लकड़ा का कहना है कि कंपनी तो खुद ही चोर है. इसका तो एक भी आदमी सही नहीं है. जिस दिन से एस्सेल इंफ्रा ने सफाई कार्य संभाला है, उस समय से हर दिन से कंपनी में आदमी चेंज होता रहा है. 33 वार्ड में सफाई कार्य कंपनी कर नहीं रही है, बाकी वार्डों में वह क्या काम संभालेगी. प्रस्तावित बैठक के आर-पार के सवाल पर डिप्टी मेयर ने बताया कि उ ससब छोड़िये, RMC को स्वच्छ भारत मिशन में एक बार फिर से अवार्ड मिला है, आज तारीफ कीजिए.

6 करोड़ में खरीदे वाहन, पर भुगतान अबतक नहीं 

गोपाल गुप्ता ने बताया कि 2018 में करीब 6 करोड़ की राशि पर कंपनी ने 53 वार्डों के लिए वाहन खरीदा था. कंपनी ने उस दौरान कहा था कि गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन हो जाने के बाद सभी के पैसे चुका दिए जायेंगे. पर ना तो अब तक पैसे मिले और ना ही सभी वार्डों का काम इन्हें सौंपा गया. 21 वार्डों में काम नहीं मिलने से कंपनी को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.

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