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भीख मांगने वाले बच्चों के बचपन को बचाने पदयात्रा पर निकला इंजीनियर

Dhanbad : सड़क पर भीख मांगने वाले बच्चों पर तरस खाकर हर कोई उन्हें कुछ न कुछ जरूर दे देता है. लेकिन आपके द्वारा दिए गए पैसे उसके अंदर एक कुप्रवृति को बढ़ावा देती है और वो बच्चा पढ़ाई जैसे जीवन के मूल उद्देश्य से भटक जाता है. इसी सोच के साथ भीख मांगने वाले बच्चों के बचपन को बचाने के उद्देश्य वन गो वन इंपैक्ट कैंपेन के माध्यम से 17000 किलोमीटर की यात्रा पर निकले आशीष शर्मा अपने यात्रा के अगले पड़ाव में धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर पहुंचे.

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पदयात्रा का मकसद

बता दें की आशीष शर्मा ने अब तक 11000 किलोमीटर की पदयात्रा के साथ  25 राज्यों की दूरी तय कर चुके हैं. उनकी यात्रा करीब 14 महीने पहले दिल्ली से शुरू हुई थी जो सभी पूर्ववर्ती राज्य होते हुए बंगाल से झारखंड पहुंची है. इसके अगले पड़ाव में वो बोकारो के लिए प्रस्थान करेंगे. पदयात्रा का मकसद पूरे भारतवर्ष को भिखारियों से मुक्त करना है. जिसमें खासकर बच्चे सम्मिलित होते हैं जो आगे चलकर बहुत से गुनाहों को अंजाम देते हैं.

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आशीष शर्मा पेशे से हैं इंजीनियर

आशीष पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर हैं, अपने कार्यक्रम से युवाओं को जुड़ने की अपील की है. उनसे आग्रह किया है कि वो सड़क पर भीख मांग रहे बच्चों को भीख ना दें. बल्कि थोड़ा मेहनत करके उनका दाखिला पास की किसी ऐसे स्कूल में करवा दें. जहां उन्हें निशुल्क भोजन के साथ शिक्षा भी मयस्सर हो सके. उनके इस नेक कार्य से देश में भिखारियों की संख्या धीरे-धीरे स्वत: समाप्त हो जाएगी.

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