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हजारीबाग में  # EnforcementDirectorate ने नक्सली बिनोद कुमार गंझू,प्रदीप राम और उसके परिजनों  की 2.89 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की

जब्त संपत्तियों में आरोपियों के घरों से जब्त 1.49 करोड़ रुपये नकद, 89 लाख रुपये मूल्य के पांच वाहन और आठ बैंक खातों में कुल 35.18 लाख रुपये की बैंक एफडी शामिल है.

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Ranchi :  चतरा जिले के मगध और आम्रपाली कोल परियोजना में टीपीसी उग्रवादी संगठनों के द्वारा समितियों के नाम पर  की जाने वाले वसूली को लेकर ईडी ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की है.  ईडी ने कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीपीसी के  नक्सली बिनोद कुमार गंझू, प्रदीप राम और परिवार के सदस्यों की हजारीबाग स्थित कुल 2.89 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है.  ईडी के द्वारा कुर्क की गयी संपत्तियों में इन नक्सलियों के परिवार के सदस्यों के नाम पर अचल संपत्ति शामिल हैं.

जानकारी के अनुसार धन शोधन रोकथाम अधिनियम के तहत ईडी ने संपत्तियों को अस्थायी तौर पर कुर्क करने का एक आदेश दिया था.जब्त की गयी अचल संपत्तियां हैं. जब्त संपत्तियों में आरोपियों के घरों से जब्त 1.49 करोड़ रुपये नकद, 89 लाख रुपये मूल्य के पांच वाहन और आठ बैंक खातों में कुल 35.18 लाख रुपये की बैंक एफडी शामिल है.

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ईडी ने पुलिस की प्राथमिकी के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है

बता दें कि ईडी द्वारा धन शोधन जांच का मामला प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन  टीपीसी द्वारा राज्य में  चतरा जिले के मगध-आम्रपाली कोयला क्षेत्र में ठेकेदारों और कोयला व्यापारियों से आपराधिक वसूली और भयादोहन का है.  टीपीसी को झारखंड सरकार ने प्रतिबंधित कर रखा है और इसके ज्यादातर सदस्य भाकपा माओवादी के पूर्व सदस्य हैं. ईडी ने राज्य पुलिस की प्राथमिकी के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

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समितियों की आड़ में वसूली गयी है लेवी

जानकारी के अनुसार जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि बिनोद, प्रदीप अन्य नक्सलियों के साथ मगध आर्गेनाइजिंग कमेटी और आम्रपाली शांति समिति के नाम से स्थानीय समितियां चला रहे हैं. इन समितियों की आड़ में आरोपियों ने ठेकेदारों, ट्रांसपोर्टरों, डिलेवरी आर्डर धारकों और कोयला व्यापारियों से लेवी वसूली की,जिसे टीपीसी सदस्यों को सौंपा गया.

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