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ऊर्जा विभाग ने नियामक आयोग के अध्यक्ष बहाली में की देर, पूर्व अध्यक्ष के इस्तीफे के 3 माह बाद निकाला विज्ञापन

इलेक्ट्रिसिटी एक्ट के मुताबिक इस्तीफा देने के एक महीने में अध्यक्ष बहाली कर लेनी होती है

Ranchi: ऊर्जा विभाग की ओर से राज्य विद्युत नियामक आयोग में अध्यक्ष पद पर बहाली निकाली गयी है. विभाग की ओर से इस संबध में विज्ञापन जारी किया गया है. जिसमें एक अध्यक्ष पद के लिए बहाली की बात की गयी है. साथ ही इसके लिए कुछ शर्तें दी गयी हैं.

इलेक्ट्रिसिटी एक्ट के मुताबिक कार्यरत अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा होने के छह महीने पहले बहाली प्रक्रिया शुरू कर देनी चाहिये. अगर अचानक इस्तीफे की स्थिति आती है तो एक महीने के भीतर बहाली की जानी चाहिये. पूर्व अध्यक्ष अरविंद प्रसाद सिंह का इस्तीफा ऊर्जा विभाग ने 12 मई को स्वीकृत किया. जबकि पूर्व अध्यक्ष ने दो महीने पहले ही विभाग को अपना इस्तीफा दे दिया था. ऐसे में विभाग को पहले से ही आयोग में अध्यक्ष पद की बहाली की तैयारी करनी थी.

हालांकि जिस वक्त पूर्व अध्यक्ष ने इस्तीफा दिया था, उस वक्त लाॅकडाउन की स्थिति थी. लाॅकडाउन खत्म हुए लगभग तीन महीने हो गये. ऐसे मे विभाग पहले भी विज्ञापन निकाल सकता था. आयोग की मानें तो विज्ञापन के बाद भी लगभग दो महीने का समय अध्यक्ष बहाली के लिए लगता है.

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ऊर्जा विभाग की समिति करती है जांच

जारी विज्ञापन में 18 सिंतबर तक आवेदन करने की तारीख है. इसके बाद लगभग दो महीने का समय ऊर्जा विभाग को आवेदन जांच करने और नये अध्यक्ष का नाम चयन करने में लग सकता है. इसके पहले के सालों में विज्ञापन के बाद इतना ही वक्त लगता आया है. ऊर्जा विभाग की ओर से तीन सदस्यीय समिति इन आवेदनों की समीक्षा करती है. जिसके बाद समिति की ओर से दो नामों की सिफारिश की जायेगी. किसी एक नामित व्यक्ति को अध्यक्ष पद पर बहाल किया जाता है. गौरतलब है कि पूर्व अध्यक्ष अरविंद प्रसाद सिंह साल 2017 से 12 मई 2020 तक कार्यरत रहें. इसके पहले 2014-2017 तक एनएन तिवारी इस पद पर रहें है.

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बिना अध्यक्ष के तय हो सकती है बिजली टैरिफ 

राज्य में अलग-अलग बिजली वितरक कंपनियों की बिजली दर का निर्धारण किया जाना है. कोविड 19 के कारण नियामक आयोग की ओर से मार्च और अप्रैल के महीने में जन सुनवाई नहीं की गयी. जिससे बिजली टैरिफ निर्धारण में वक्त लगा. अगर स्थिति सामान्य होती तो अब तक बिजली की नयी दरें तय हो गयी होती.

अब आयोग की ओर से वर्चुअल जन सुनवाई शुरू की गयी है. ऐसे में अगर उर्जा विभाग जल्द ही अध्यक्ष पद पर बहाली नहीं करती है तो बिजली दर बिना अध्यक्ष के ही तय हो जायेगी. या फिर इसमें भी देर हो सकती है. फिलहाल आयोग में रविंद्र नारायण सिंह और प्रवास कुमार सिंह दो सदस्य हैं.

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अध्यक्ष पद के लिए शर्तें

अध्यक्ष पद के लिए बहाली की बात की गयी है. इसके लिए कुछ शर्तें दी गयी हैं. जिसमें प्लाई करने वाला शख्स को इंजीनियरिंग, फाइनेंस, काॅर्मस, इकोनाॅमिक्स की समझ होनी चाहिए. साथ ही वह किसी अन्य पद पर कार्यरत न हो. अध्यक्ष पद के लिए उम्र सीमा भी दी गयी है. इसके पद के लिए 65 वर्ष से अधिक की उम्र न हो. इन सभी के अलावा कुछ अन्य शर्तें भी रखी गयी हैं.

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