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धनबाद के सिंदरी में एक तरफ अतिक्रमण हटाओ अभियान दूसरी तरफ बन रहा आलिशान मकान

Manoj Mishra

Dhanbad: धनबाद के सिंदरी में इनदिनों नजारा बदला बदला सा है. लंबे अरसे के बाद सिंदरी जमीन का स्वामी फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ( एफसीआईएल) अपने चिरनिद्रा से जगा है. सिंदरी शहर में एफसीआई के जमीन-मकान के साथ सड़क और बाजारों की भी सुध ली है. अतिक्रमणकारियों पर हंटर चलाने की जोरशोर से तैयारी है. वो भी तब, जब दो साल से देरी का मार झेल रहा हर्ल का नया यूरिया प्लांट से उत्पादन शुरू होने जा रहा है. एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी परियोजना में शामिल हर्ल के सिंदरी यूरिया ईकाई का उत्पादन इसी माह के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है. दूसरी तरफ तेजी से शहर में अतिक्रमणकारियों पर डंटा चलना भी लगभग तय माना जा रहा है. प्रबंधन जल्द ही अतिक्रमण हटाओं अभियान चलाएगा. इस सिलसिले में पूरे शहर में अवैध अतिक्रमण को लेकर एफसीआई की टीम सर्वे कर रही है. बाबजूद, शहर के झोपड़ी मार्केट, शहरपुरा में आलिशान तीन मंजिला मकान बनाया जा रहा है.

बुधवार को शहर में अवैध अतिक्रमण को लेकर सर्वे कर रही एफसीआई की टीम से जब पूछा गया कि कैसे बिना इजाजत तीन मंजिला मकान बन रहा है तो सर्वे अधिकारी खिसक लिए, जबाव नहीं दिया. इधर,  एफसीआई के अनुबंधित प्रभारी संपदा अधिकारी डी. अधिकारी ने मीडिया को बताया कि पूरे शहर में चरणबद्ध तरीके से अवैध अतिक्रमण को लेकर सर्वे किया जा रहा है और यह रिपोर्ट एफसीआई के नई दिल्ली स्थित मुख्यालय को भेजा जाएगा. जहां अतिक्रमण हटाने के सिलसिले में निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने बताया कि सड़क के किनारे आवंटित आवासों में जिन लोगों ने दुकानें बनाई है. एफसीआई प्रबंधन उन लोगों को नोटिस जारी कर दुकानों को तोड़ने का आदेश देगा. अन्यथा आवासों का लीज को रद्द कर देगा. देवदास अधिकारी ने बताया कि सर्वे में प्रथम चरण में सड़कों के किनारे किए गए अतिक्रमण की मापी की जा रही है. दूसरे चरण में एफसीआई के जमीन पर जहां कहीं भी अतिक्रमण हुआ होगा. उसकी मापी की जाएगी और उसका रिपोर्ट केंद्रीय कार्यालय को भेजा जाएगा.

सर्वे का लोगों ने किया स्वागत

सर्वे का अधिकांश लोगों ने स्वागत किया है. कारण,  आज पूरा शहर अतिक्रमणकारियों के कारण अपनी सुंदरता को खो बैठा है. एफसीआई की अधिकृत भूमि को अनधिकृत रूप से कब्जा करने की होड़ लगी हुई है. सिंदरी में चौक चौराहे सहित अन्य जगहों पर अवैध रूप से भूमि कब्जा कर उस पर भवन, झुग्गी झोपड़ी, एवं गुमटी लगाकर दुकान खोली जा रही है. इसके अलावा कई जगहों पर पहले से बने एफसीआई के आवासों को भाड़े पर देकर पैसे की वसूली भी की जा रही है. इस संबंध में एफसीआईएल प्रबंधन को पत्रकारों सहित अन्य लोगों द्वारा कई बार जानकारी दी गई है. बावजूद प्रबंधन द्वारा अतिक्रमण रोकने की दिशा में किसी प्रकार की पहल नहीं की.जबकि, बार बार एफसीआई को बताया गया कि अतिक्रमण का यह मुद्दा आने वाले समय में विवाद और विधि व्यवस्था बिगड़ने का कारण बन सकता है.

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