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सभी शिक्षण संस्थानों में जल्द बहाल हो वाई-फाई, नहीं तो होगी कठोर कार्रवाई : राज्यपाल

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Ranchi : राज्य के सभी शिक्षण संस्थानों में शीघ्र ही वाई-फाई सुविधा उपलब्ध करायी जाये. उक्त निर्देश राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को राजभवन में सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान दिया. उन्होंने उच्च शिक्षा सचिव राजेश कुमार शर्मा को निर्देश देते हुए कहा कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य के सभी विश्वविद्यालों में वाई-फाई सुविधा उपलब्ध करायें. समीक्षा के क्रम में उन्होंने इस दिशा में अत्यंत धीमी प्रगति कार्य पर दु:ख प्रकट करते हुए एनआईसीएसआई को कठोर चेतावनी दी तथा जल्द-से-जल्द कार्य पूर्ण करने को कहा. समीक्षा बैठक के दौरान सभी विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्य की प्रगति का आकलन भी राज्यपाल द्वारा किया गया. बैठक में शिक्षा मंत्री नीरा यादव, अपर मुख्य सचिव, योजना एवं विकास विभाग के सुखदेव सिंह, राज्यपाल के प्रधान सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा सचिव राजेश कुमार शर्मा, सचिव, भवन निर्माण विभाग-सह-प्रबंध निदेशक, झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लि. के सुनील कुमार सहित रांची विश्वविद्यालय, विनोबा भावे विश्वविद्यालय, सिदो-कान्हू विश्वविद्यालय, नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय, कोल्हान विश्वविद्यालय, बिनोद बिहारी महतो कोयलाचंल विश्वविद्यालय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के कुलपति, वित्तीय सलाहकार एवं कुलसचिवगण उपस्थित थे.

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राज्यपाल ने इन विषयों पर दिया निर्देश

  1. झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लि. द्वारा निर्माण कार्यों में शिथिलता पर नाराजगी प्रकट करते हुए कहा गया कि शिक्षण संस्थानों के निर्माण कार्य में तेजी लायी जाये. साथ ही भवन निर्माण हेतु निविदा के पूर्व भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित कर लें. राज्यपाल ने कहा कि नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के भवन निर्माण का कार्य शीघ्र प्रारंभ हो तथा अविलंब इसकी आधारशिला रखी जाये. उनके द्वारा सभी कुलपतियों को यह भी निदेशित किया गया कि वे अपने स्तर से निर्माण कार्यों का अनुश्रवण करें, ताकि बेहतर निर्माण कार्य हो.
  2. राज्यपाल द्वारा निदेशित किया गया कि विश्वविद्यालय के अधिकारी छात्र-छात्राओं की समस्याओं को संवेदनशील होकर सुनें तथा उनकी समस्याओं के निदान के प्रति सचेष्ट रहें. विश्वविद्यालय के अधिकारी अहंकार में न रहें.
  3. राज्यपाल ने कोल्हान विश्वविद्यालय द्वारा उत्तीर्ण विद्यार्थियों की उपाधि में कुलपति/प्रतिकुलपति के हस्ताक्षर के बदले किसी अन्य का यथा- संकायाध्यक्ष के हस्ताक्षर होने पर आश्चर्य व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि यह नियमानुकूल नहीं है. विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लायें. भविष्य में इस बिंदु पर शिकायतें प्राप्त होने पर कार्रवाई की जायेगी.
  4. शिक्षकों की लंबित प्रोन्नति की समीक्षा करते हुए झारखंड लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त किया गया. विदित हो कि इस बैठक में झारखंड लोक सेवा आयोग का कोई भी प्रतिनिधि नहीं आया.
  5. सभी विश्वविद्यालय अपने यहां शीघ्र ही वित्तीय अंकेक्षण का कार्य अद्यतन करें.
  6. सभी विश्वविद्यालय अपने-अपने अधीनस्थ महाविद्यालयों का अति शीघ्र ही नैक से मूल्यांकन कार्य करायें. बैठक में राजभवन में त्रुटिपूर्ण विवरण देने के लिए रांची विश्वविद्यालय से कहा गया कि वह संबंधित पदाधिकारी से कारणपृच्छा करे.
  7. श्यामाप्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में आधारभूत संरचनाएं विकसित किया जाये.
  8. सेवानिवृत्त कर्मियों को ससमय सेवानिवृत्ति लाभ एवं पेंशन का लाभ मिले, इसे सुनिश्चित किया जाये. बैठक में कहा गया कि सभी एक न एक दिन सेवानिवृत्त होंगे, इस मामले में संवेदनशील होकर तत्परता से कार्य करें. कुलसचिव का दायित्व है कि वह पेंशन के लंबित मामले को दो माह के अंदर पूर्णत: दूर करें, अन्यथा उन पर कार्रवाई की जायेगी. अल्पसंख्यक महाविद्यालयों के शिक्षकों/कर्मियों को पेंशन देने के संदर्भ में चर्चा की गयी.
  9. विश्वविद्यालय द्वारा नियुक्त घंटी आधारित शिक्षकों को शिक्षण कार्य करने का अवसर प्राप्त हो रहा है अथवा नहीं, इसका अनुश्रवण करें. उन्हें ससमय राशि प्रदान की जाये.
  10. एकेडमिक कैलेंडर का हर हाल में पालन हो तथा इसके तहत निर्धारित व तय समय पर परीक्षा का संचालन एवं परीक्षा परिणाम जारी हो. लोकप्रिय व रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम की ओर ध्यान दिया जाये. सभी विश्वविद्यालय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना शिक्षित भारत एवं उन्नत भारत अभियान के सफल कार्यान्यवयन की दिशा में सभी निर्देशों का अनुपालन कर सक्रियतापूर्वक कार्य करें. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ग्रामों को गोद लें. एनएसएस के स्वयंसेवक उन ग्रामों में जायें तथा वहां केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का अवलोकन करें और इसकी रिपोर्ट उपायुक्त को भी समर्पित करें.
  11. सभी विश्वविद्यालय/महाविद्यालय में शिक्षकों/कर्मियों की उपस्थिति बायोमीट्रिक प्रणाली से हो, यह सुनिश्चित की जाये. सभी विश्वविद्यालय शिक्षित भारत के सफल कार्यान्यवयन की दिशा में सक्रियतापूर्वक कार्य करें.
  12. विश्वविद्यालय में तृतीय श्रेणी के पदों पर नियुक्ति कर्मचारी चयन आयोग द्वारा होगी. जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग के शिक्षकों की प्रोन्नति तथा इसे सशक्त बनाने की दिशा में पृथक विभाग के गठन पर निर्देश दिया.

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