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Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम में नहीं थम रहा हाथियों का आतंक, अब झुंड से बिछड़े गजराज ने मचायी तबाही

Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम के ग्रामीण इलाको में हाथियों का आतंक थमता नजर नहीं आ रहा है. वह भी ऐसे समय में जब अधिकांश हाथी पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल का रुख कर चुके हैं. बावजूद इसके झुंड से बिछड़े हाथी तबाही मचाने से नहीं चूक रहे हैं. ताजा मामला घाटशिला क्षेत्र का है. अपने झुंड से बिछड़े एक गजराज ने कालापाथर, बड़ामारा और लोधीसोली पंचायत में जमकर उत्पात मचाया. इसमें चौथिया मेन रोड के पास स्थित अजय शर्मा की आटा चक्की और बगीचे की पक्की चारदीवारी ध्वस्त हो गया. उसके बाद बगीचे को भी हाथी ने तहस-नहस कर डाला. उसके बाद बारी आयी राधे हांसदा के घर घुसने की. हाथी घर की खिड़की एवं लोहे का ग्रिल तोड़ने के बाद कमरे में रखा कई क्विंटल धान चट कर गया. घटना भोर चार बजे की है. उसके बाद गजराज ने मेन रोड स्थित तुषारकांति महतो के होटल और गांव के शरद चंद्र महतो तथा शिव चरण महतो के घर में भी घुसकर सामानों को क्षति पहुंचायी. साथ ही कालापाथर पंचायत के उदाल गांव में घुसकर परितोष पातर का घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया.

जंगल में हाथियों के झुंड डटे रहने से डरे-सहमे ग्रामीण
इधर ग्रामीणों का कहना है कि देवसोल-कलसीमूंग जंगल में 10-11 हाथियों का एक झुंड डटा हुआ है. इससे ग्रामीण एक बार फिर डरे-सहमे हुए हैं. उन्हें आशंका है कि हाथियों का झुंड कभी भी धावा बोल सकता है. इससे उन्हें एकबार फिर जान-माल का नुकसान झेलना पड़ सकता है.

दलमा के तराई इलाको में भी उत्पात कम नहीं
बता दें कि शहर से सटे दलमा के तराई इलाको में भी हाथियों के उत्पात के मामले जब-तब सामने आते रहते हैं. इसमें जंगल में लकड़ी चुनने जानेवाले ग्रामीणों को पटककर मार देना और जख्मी कर देने जैसे मामले शामिल हैं. वहीं, खेत में लगे फसलों को नुकसान पहुंचाने और गांव में घुसकर घरों को ध्वस्त करने के मामले भी खूब सामने आते हैं. इससे वन विभाग के अधिकारियों की भी परेशानी बढ़ी रही है.

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