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बिजली बिल लटकाने वाले बकायेदारों की कटेगी बिजली,  राजस्व वसूली के लिए बोर्ड ने कसी कमर

Ranchi:  राजस्व की कमी झेल रहा बिजली बोर्ड अब अभियान के जरिये राजस्व वसूली को मजबूत करना चाह रहा है. जेबीवीएनएल की ओर से इस संबध में सभी एग्जीक्यिूटिव और जूनियर इंजीनियर को आदेश दिया गया है. आदेश निगम मुख्यालय की ओर से जारी किया गया है. जिसके बाद सभी विद्युत आपूर्ति कार्यालयों की ओर से अभियंताओं को आदेश निर्गत किया गया है. जिसमें बताया गया है कि लंबे समय से बिजली बिल भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट दिए जाएं. वहीं, अभियान के दौरान ऐसे बकायेदारों से बिजली बिल की वसूली की जायें. इसमें शहरी क्षेत्र के लिये अधिकतम दस हजार और ग्रामीण क्षेत्र के लिये पांच हजार की सीमा तय की गयी है. जानकारी हो कि अक्टूबर महीने में निगम के राजस्व वसूली में कमी आयी थी. जिसके बाद निगम ने मामले की समीक्षा कर आदेश जारी किया.

 

हर क्षेत्र में की जायेगी छापेमारी: मुख्यालय की ओर से जारी आदेश की मानें तो राज्य भर में कुछ दिनों तक बिजली चोरी और बिलिंग के खिलाफ छापेमारी की जायेगी. ऐसे में आपूर्ति कार्यालयों की ओर से अलग अलग इलाकों के जूनियर और एग्जीक्यिूटिव इंजीनियर को हर माह संभावित उपभोक्ताओं की सूची उपलब्ध करायी जायेगी. जिसमें बिजली चोरी वाले इलाके और अधिक बकायेदारों की सूची होगी. संबधित क्षेत्र के इंजीनियर इस सूची के अनुसार ही छापेमारी करेंगे. सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को ऊर्जा मित्र, बिलिंग सुपरवाइजर और एजेंसी के प्रबंधक की ओर से हर महीने भरा जानेवाला परफॉरमेंस कार्ड उपलब्ध कराया गया है.

 

सख्त कारवाई का आदेश: निगम की ओर से विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, गुमला, सिमडेगा और लोहरदगा के खराब बिलिंग पर उप महाप्रबंधक गुमला को सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.

 

राजस्व की कमी से हो रही कटौती: जानकारी हो कि अक्टूबर महीने में जेबीवीएनएल को तय लक्ष्य से कम राजस्व वसूली हुई थी. वहीं, अक्टूबर में ही केंद्र सरकार ने सेंट्रल पावर एक्सचेंज से बिजली खरीद पर रोक लगा दी है. जिसके कारण राज्य भर में बिजली की पांच सौ मेगावाट तक कमी हो गयी है. केंद्र सरकार ने रोक डीवीसी का बकाया भुगतान नहीं होने पर लगाया गया है. वहीं, जेबीवीएनएल को पिछले कुछ समय से राजस्व वसूली में नुकसान हो रहा है. जिसके कारण ये स्थिति हुई है. डीवीसी की ओर से भी दस फीसदी बिजली कटौती की जा रही है. निगम की मानें तो अक्तूबर में केवल 305 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली हुई. सितंबर में 357 करोड़ रुपये की वसूली हुई थी. जबकि निगम हर महीने पांच सौ करोड़ की बिजली खरीदती है.

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