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विद्युत नियामक आयोग ने रच दिया इतिहास, बिजली वितरण निगम ने जितने का दिया प्रस्ताव, उससे ज्यादा बढ़ा दी बिजली दर

  • वितरण निगम ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 6 रुपये प्रति यूनिट का दिया था प्रस्ताव, आयोग ने बढ़ाकर कर दिया 6.25 रुपये प्रति यूनिट
  • एक अप्रैल 2019 से लागू होगी नयी दर, ओवरऑल बिजली दर में 17 फीसदी की वृद्धि
  • घरेलू उपभोक्ताओं को अब 5.50 रुपये प्रति यूनिट की जगह देने होंगे 6.25 रुपये प्रति यूनिट
  • फिर भी वितरण निगम का 1211.02 करोड़ का बना रहेगा घाटा, रेवेन्यू गैप भी 692.70 करोड़ का
  • सीएम ने आयोग के अध्यक्ष को बुलाया, कहा- आज ही नयी बिजली दर जारी करें

Ranchi : झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने इतिहास रच दिया. बिजली वितरण निगम ने बिजली दर में जितनी बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया था, उससे कहीं अधिक बिजली दर का निर्धारण कर दिया. अब शहरी क्षेत्र के घरेलू उपभोक्ताओं को 5.50 रुपये प्रति यूनिट की जगह 6.25 रुपये प्रति यूनिट की दर से भुगतान करना होगा. नयी दर एक अप्रैल 2019 से लागू होगी. गुरुवार को नियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ अरविंद प्रसाद और सदस्य तकनीक आरएन सिंह ने नयी बिजली दर जारी की. सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने आयोग के अध्यक्ष व अफसरों को बुलाकर कहा कि गुरुवार को ही नयी बिजली दर जारी करें. इसी दबाव में आयोग ने बिजली दर जारी कर दी. ओवरऑल बिजली दर में 17 फीसदी की वृद्धि की गयी है.

इंडस्ट्रियल और कॉमर्शियल फ्रेंडली है बिजली दर

आयोग ने जो बिजली दर जारी की है, वह इंडस्ट्रियल और कॉमर्शियल फ्रेंडली है. वर्तमान में इंडस्ट्रियल कैटेगरी में हाई टेंशन में 5.75 रुपये प्रति यूनिट की दर से भुगतान करना पड़ रहा है. नयी दर में इसे घटाकर 5.50 रुपये प्रति यूनिट कर दिया गया है. वहीं, घरेलू दर के लिए वितरण निगम मे छह रुपये प्रति यूनिट का प्रस्ताव दिया था, जिसे बढ़ाकर 6.25 रुपये प्रति यूनिट कर दिया गया है. इसके पीछे नियामक आयोग के अध्यक्ष ने तर्क दिया कि वितरण निगम ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए एक दर का प्रस्ताव दिया था, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सही नहीं होने के कारण शहरी क्षेत्र की दर में वृद्धि की गयी है. इसमें पावर परचेज कॉस्ट भी देखा गया है.

फिर भी वितरण निगम का बना रहेगा 1211.02 करोड़ का घाटा

नयी बिजली दर लागू होने के बावजूद वितरण निगम का 1211.02 करोड़ रुपये का घाटा बना रहेगा. झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम ने 8375.24 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया था. इसके एवज में झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने 7164.22 करोड़ रुपये की ही स्वीकृति दी. पिछले साल आयोग ने 5973.46 करोड़ रुपये की ही स्वीकृति दी थी. वहीं, वित्तीय वर्ष 2019-20 में वितरण निगम का रेवेन्यू गैप 692.70 करोड़ रुपये का बना रहेगा. आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि बिजली खरीद पर प्रति यूनिट 6.32 रुपये का खर्च आता है.

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शहरी और ग्रामीण बिजली दर के एक होने के प्रस्ताव को किया खारिज

आयोग ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में एक दर होने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया. आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि चैरिटेबल संस्थाओं को घरेलू दर से भुगतान करना होगा. घरेलू लाइन से उपभोक्ता पांच किलोवाट तक का लोड लेकर छोटे व्यवसाय कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें अलग से मीटर नहीं लगाना होगा. बिजली की गुणवत्ता व आपूर्ति के लिए वितरण निगम को इंडेक्स बनाना होगा, जिसे तीन महीने में वे जारी करेंगे. इससे बिजली की गुणवत्ता व आपूर्ति का पता चलेगा.

सब्सिडी में 2000 करोड़ तक का हो सकता है प्रावधान

आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि सरकार उपभोक्ताओं की सब्सिडी के लिए 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान कर सकती है. पिछली बार 1040 करोड़ रुपये सब्सिडी के लिए प्रावधान किये गये थे. इसमें 750 करोड़ रुपये से कम ही राशि सब्सिडी के लिए ले पाये. आयोग के अध्यक्ष ने यह भी कहा कि ज्यादा पैसा लगे, पर गुणवत्तायुक्त बिजली मिले. बिजली चोरी रोकने के लिए वितरण निगम को वेब पर आधारित एप्लिकेशन डेवलप करने का निर्देश दिया गया. कर्मियों और उपभोक्ताओं की सुरक्षा के मानक को अपनाने को कहा है. साथ ही वितरण निगम को जून तक शत-प्रतिशत मीटरिंग करने को भी कहा है. रूफ टॉप सोलर प्लांट लगाकर बिजली बेचने पर ग्रॉस मीटरिंग पर 4.16 रुपये प्रति यूनिट और नेट मीटरिंग पर 3.80 रुपये प्रति यूनिट की दर से चार्ज मिलेगा.

किस श्रेणी में कितने की वृद्धि

श्रेणी वर्तमान दर (रु.) नयी दर (रु.) कितनी वृद्धि
कुटीर ज्योति 4.40 5.75 1.35 रुपये प्रति यूनिट
रूरल (मीटर) 4.75 5.75 1 रुपया प्रति यूनिट
रूरल शहरी 5.50 6.25 75 पैसा प्रति यूनिट
एचटी घरेलू 5.25 6.00 75 पैसा प्रति यूनिट
कॉमर्शियल ग्रामीण 5.25 6.00 75 पैसा प्रति यूनिट
कॉमर्शियल शहरी 6.00 6.25 25 पैसा प्रति यूनिट
इंडस्ट्रियल हाई टेंशन 5.75 5.50 25 पैसा प्रति यूनिट की कमी
रेलवे 4.60 5.50 90 पैसा प्रति यूनिट

ऐसी है बिजली की दर

घरेलू

श्रेणी वर्तमान दर (रु प्रति यूनिट) फिक्स चार्ज (रु. प्रति माह) प्रस्तावित दर (रु. प्रति यूनिट) प्रस्तावित फिक्स चार्ज (प्रति माह) नयी दर (रु. प्रति यूनिट) नया फिक्स चार्ज (प्रति माह)
कुटीर ज्योति 4.40 20 6 75 5.75 20
ग्रामीण 4.75 35 6 75 5.75 20
शहरी 5.50 75 6.00 75 6.25 75
एचटी 5.25 200 6.00 200 6.00 100

कॉमर्शियल

श्रेणी वर्तमान दर (रु प्रति यूनिट) फिक्स चार्ज (रु. प्रति माह) प्रस्तावित दर (रु. प्रति यूनिट) प्रस्तावित फिक्स चार्ज (प्रति माह) नयी दर (रु. प्रति यूनिट) नया फिक्स चार्ज (प्रति माह)
शहरी 6.00 225 7 225 6.25 150
सिंचाई 5.00 20 5 20 5 20
इंडस्ट्रियल (एलटी) 5.50 160 6 300 5.75 100
इंडस्ट्रियल (हाई टेंशन) 5.75 300 6 400 5.50 350
एचटी स्पेशल 4.00 500 6 400 6.25 100
स्ट्रीट लाइट 6 100 6.50 100 6.25 100
रेलवे 4.60 350 5 350 5.50 350

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