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धनबाद, बोकारो, रामगढ़, चतरा, हजारीबाग, गिरिडीह और कोडरमा में बिजली संकट गहराया

चिराग तले अँधेरा वाली कहावत चरितार्थ हो रही है धनबाद कोयलांचल के बिजली उपभोक्ताओं के साथ.

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Dhanbad : चिराग तले अँधेरा वाली कहावत चरितार्थ हो रही है धनबाद कोयलांचल के बिजली उपभोक्ताओं के साथ. देश के अनेक थर्मल पावर स्टेशन धनबाद से मिलने वाले कोयले से बिजली उत्पादन करते हैं और उस बिजली से देश का बड़ा हिस्सा जगमग करता है, तो वहींं दूसरी तरफ झारखंड के धनबाद, बोकारो, रामगढ़, चतरा, हजारीबाग, गिरिडीह और कोडरमा में पिछले दो माह से अभूतपूर्व बिजली संकट गहराया हुआ है. आप को बता दें कि झारखंड के उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के सात जिले की कम से कम 50 लाख की आबादी आज ढिबरी युग में जीने को विवश है.

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 10 से 12 घंटे का बिजली संकट झेलना पड़ता है

केंद्र के बाद झारखंड में भी भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री रघुवर दास के लिए बिजली संकट बड़ी चुनौती के रूप में उभरकर सामने आ रहा है. इन सात जिलो में झारखंड सरकार को बिजली देने वाले दामोदर घाटी निगम (DVC)ने तो विज्ञापन के जरिये निकट भविष्य में बिजली संकट और भी गहराने की चेतावनी दे डाली है. वैसे तो DVC प्रतिदिन आधिकारिक तौर पर छह घंटे लोडशेडिंग की बात कहता है लेकिन उपभोक्ताओं को अमूमन 10 से 12 घंटे का बिजली संकट झेलना पड़ता है. बिजली संकट से हलकान आम जनता की नजर सूबे के मुख्यमंत्री की तरफ है कि कब वे बिजली के अच्छे दिन लाते हैं.

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बिजली के गहराते संकट से धनबादवासियों में भारी नाराजगी

 रंजीत सिंह परमार : स्थानीय लोगों की मानें तो धनबाद में बिजली की समस्या बद से बदतर नजर आ रही है. धनबाद के बरमसिया स्थित रणजीत सिंह परमार का कहना है कि सरकार ने जो वादा किया था उसे निभाने में सक्षम नहीं दिख रही है. जिससे सरकार के खिलाफ आम जनता में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है.

 

 पिंटू साहू : धनबाद के बैंक मोड़ में रहने वाले पिंटू साहू का कहना है कि सरकार एक ओर नारा देती है कि बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ. तो हम बेटी कैसे पढ़ायें, जब बिजली ही नही है. सरकार पूरी तरह से विफल नजर आ रही है.

 

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मोहम्मद मोइन रजा :  हीरापुर के रहने वाले मोहम्मद मोइन रजा का कहना है कि  रघुवर सरकार ने वादा किया था कि अगर मैं 24 घंटे बिजली ना दे सकूं तो 2019 के चुनाव में मैं वोट नहीं मांगूंगा. जिसमें रघुवर सरकार पूरी तरह विफल साबित हो चुकी है. क्या अब  रघुवर सरकार जनता से वोट मांगने के काबिल है?

देबू महतो :  धनबाद के हीरापुर निवासी देबू महतो का कहना है कि रघुवर सरकार पूरी तरह से असफल सरकार है.  इससे तो अच्छा कांग्रेस की सरकार थी.  24 घंटे में महज 8 से 10 घंटे ही बिजली मिलती है.  जिससे घर से लेकर दुकानों तक में खासा असर पड़ रहा है.

 

संजय कुमार  : मनाई टांग के संजय कुमार का कहना है सरकार वादे तो हर बार करती है. लेकिन पूरा नहीं करती है. चुनाव के वक्त नेता हाथ जोड़कर वादा करने घर पहुंचाते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद जनता की तरफ से मुंह मोड़ लेते हैं, चाहे जनता कितनी ही परेशान क्यों ना हो. बात रही बिजली की तो यह स्थिति धनबाद सहित पूरे झारखंड की है, जहां मात्र हम लोगों को महज 6 से 8 घंटे ही बिजली मुहैया होती है.

नीतूल रावल  :  नीतूल रावल कहते हैं कि बिजली के अभाव में बच्चों की पढ़ाई का खामियाजा भुगतना पड़ता है.  इस बारिश में उमस भरी गर्मी बहुत ज्यादा है.  जिसको आम जनता को बड़ी कठिनाई होता है.  लेकिन सरकार बिजली संकट पर ध़्यान नहीं दे रही है.

 

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