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फाकाकशी में गुजरी दुर्गा पूजा अब दीपावली और छठ भी ऐसे ही न बिता दें बिजली कॉन्ट्रैक्ट कर्मी

2017 से नहीं मिला बिजली संविदाकर्मियों को मानदेय

Ranchi:  बिजली कर्मियों के चार साल के बकाया भुगतान पर दो महीने से रोक लगी है. इस बार दुर्गा पूजा इन कर्मियों की तंगहाली में ही बीती. बकाये भुगतान पर रोक कोरोना महामारी के कारण लगी है. जिससे अब चार हजार बिजली कॉन्ट्रैक्ट कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं. साल 2017 से झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने इन बिजली संविदा कर्मियों को मानदेय नहीं दिया है.

पिछले कुछ महीनों से लगतार झारखंड ऊर्जा श्रमिक संघ की ओर से इस बबात अल्टीमेट दिया गया. इसके बाद भी जेबीवीएनएल ने इन कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों का भुगतान नहीं किया. राज्य में बिजली कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों की कुल संख्या चार हजार है. वहीं रांची जिला में इनकी संख्या लगभग 1400 है. जानकारी मिली है कि रांची सर्किल के एक हजार बिजली कर्मियों की बिलिंग समेत अन्य प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है. दो महीने पहले ही जेबीवीएनएल मुख्यालय से फंड को भी स्वीकृति मिल गयी. लेकिन कोरोना महामारी के कारण भुगतान रूका है. वहीं गुमला के चार सौ संविदा बिजली कर्मियों की बिलिंग प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हुई. जिसके कारण मुख्यालय से इन कर्मियों के मानदेय भुगतान को स्वीकृति नहीं मिली है.

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30 अक्टूबर तक का दिया था समय

इसके पहले संघ की ओर से रांची विद्युत आपूर्ति क्षेत्र के जीएम से मुलाकात की गयी थी. जिसमें रांची विद्युत आपूर्ति क्षेत्र के 1400 बिजली कर्मियों का बकाया भुगतान 30 अक्टूबर तक करने की बात की गयी थी. इसके बावजूद महीना खत्म होने को है, और जेबीवीएनएल की ओर से कर्मियों को बकाया भुगतान नहीं किया गया है. बता दें ऊर्जा श्रमिक संघ की ओर से इसके पहले 15 सिंतबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की गयी थी.

लेकिन इस वार्ता के बाद संघ ने हड़ताल को स्थगित किया था. संघ के अध्यक्ष अजय राय ने बताया कि फिर से रांची विद्युत आपूर्ति क्षेत्र के महाप्रबंधक से मुलाकात की जायेगी. जिसके बाद आगे की रणनीति बनायी जायेगी.

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31 अक्टूबर तक होगा भुगतान

इस संबध में रांची विद्युत आपूर्ति क्षेत्र के महाप्रबंधक पीके श्रीवास्तव से बात की गयी. इन्होंने बताया कि 31 अक्टूबर तक भुगतान कर दिया जायेगा. नयी एजेंसी काम कर रही है. ऐसे में उन्हें भी कुछ निर्देश दिया गया है. जेबीवीएनएल मुख्यालय से सारी तैयारी कर ली गयी है. वहीं भुगतान को स्वीकृति भी मिल गयी है. संघ ने बताया कि साल 2017 के बाद से संशोधित मजदूरी दर के तहत बिजली बोर्ड के संविदा कर्मियों को भुगतान नहीं किया जा रहा था. ऐेसे में संघ की ओर से एरियर भुगतान की मांग की जा रही है. वहीं बिना एरियर भुगतान किये, जेबीवीएनएल रांची विद्युत आपूर्ति क्षेत्र में अन्य तीन एजेंसियों को रख लिया गया है. जिसका संघ विरोध कर रहा है.

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