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झारखंड जनतांत्रिक महासभा गोड्डा, राजमहल, रांची और जमशेदपुर से लड़ेगी चुनावः महागठबंधन पर किया कटाक्ष

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Jamshedpur:  झारखंड जनतांत्रिक महासभा के दीपक रंजीत और वीरेंद्र कुमार ने प्रेस बयान जारी करते हुए कहा है कि आगामी लोकसभा चुनाव 2019 हमसभी लोगों के लिए महत्वपूर्ण चुनाव है. एक तरफ ST, SC, OBC, महिला, अल्पसंख्यक तथा आम गरीब मेहनतकश है,

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दूसरी तरफ लोकतंत्र का गला घोंटने वाला भाजपा नेतृत्व का NDA गठबंधन है. इससे अलग, त्रासदी यह है कि दिल्ली और रांची के एयर कंडीशन में बैठ कर मोदी तथा भाजपा को हराने के नाम पर महागठबंधन का खाका तैयार किया गया है.

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आरएसएस और भाजपा जैसी शक्तियों के साथ लड़ाई की जरूरत है

हमलोगों का मानना है कि पिछले पांच सालों में झारखंडी जनता के सवालों पर RSS और भाजपा जैसी फासीवादी ताकतों का मुकाबला जनआंदोलनों तथा सामाजिक संगठनों ने सड़कों पर उतर कर किया है. सड़कों से लेकर खेत-खलिहानों तक तथा कल-कारखानों से लेकर विश्वविद्यालयों तक के आंदोलन में ये विपक्षी पार्टियां एक सिरे से गायब रही हैं.

चाहे वह CNT/SPT एक्ट में हुए संशोधन के खिलाफ आंदोलन हो या फिर SC/ST (प्रिवेंशन ऑफ एट्रोसिटी) एक्ट में हुए संशोधन के खिलाफ संघर्ष हो, चाहे लाखों आदिवासियों को उनके जंगलों से बेदखली वाले आदेश के खिलाफ आंदोलन हो या फिर झारखंड में गौरक्षा के नाम पर मुसलमानों आदिवासियों की मॉब लिंचिंग कर हत्या का मामला हो. RSS के खिलाफ लड़ाई हो, राज्य और देश भर में ST, SC, OBC के आरक्षण के ऊपर हो रहे हमले के खिलाफ आंदोलन हो या फिर महिला उत्पीड़न तथा बलात्कर के खिलाफ मोर्चाबंदी हो, जगह लड़ाई की जरूरत है.

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सामाजिक संगठनों ने इमानदारी से संघर्ष किया है

किसानों के सवाल पर आंदोलन हो या फिर पारा शिक्षक, आंगनबाड़ी सेविका-सहिया तथा तमाम अनुबन्धकर्मियों के सरकारीकरण कराने के लिए आंदोलन हो. इन मुद्दों पर जनआंदोलनों तथा सामाजिक संगठनों ने सड़कों पर उतर कर भाजपा नेतृत्व वाली फासीवादी-तानाशाही सरकार के खिलाफ ईमानदारी से संघर्ष किया है. वहीं दूसरी तरफ ये विपक्षी पार्टियां इन तमाम सवालों पर सड़कों पर कभी दिखाई नहीं दीं. आज चुनाव के माहौल में बिना जनआंदोलनों को साथ में लिये भाजपा तथा मोदी को हराने के नाम पर एक तरह का फर्जी महागठबंधन बना है. जनता की भावनाओं तथा बुनियादी सवालों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.

संविधान और लोकतंत्र में खतरे में है

हमारा संविधान खतरे में है, ये लोकतंत्र खतरे में है. आदिवासी, दलित, पिछड़े, महिलाओं, अल्पसंख्यकों, किसान, मजदूरों के अधिकार खतरे में हैं. झारखंड जनतांत्रिक महासभा ने फासीवादी ताकत RSS को तथा आदिवासी, दलित, पिछड़ा, महिला, अल्पसंख्यक, किसान, मजदूर विरोधी पार्टी भाजपा तथा नरेंद्र मोदी-रघुवर दास को चुनाव में शिकस्त देने के लिए कमर कस लिया है.

जनता के बुनियादी सवालों को मजबूती से सड़क से लेकर सदन तक ले जाने के लिए झारखंड की 4 लोकसभा सीट (गोड्डा, राजमहल, रांची तथा जमशेदपुर) में लोकसभा चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है. बहुत जल्द ही इन चारों लोकसभा के लिए प्रत्याशी के नाम की घोषणा की जाएगी. बाकी की 10 सीट में जनता के सवालों पर संघर्ष करने वाली पार्टी तथा उम्मीदवार को समर्थन करने की घोषणा सीटवार प्रत्याशी के नाम के साथ की जायेगी.

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