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निर्वाचन आयोग का बड़ा फैसला :  लॉकडाउन की गहमागहमी के बीच 27 मई से पहले महाराष्ट्र विधान परिषद होगा चुनाव

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New Delhi/Mumbai :  निर्वाचन आयोग ने एक बड़ा निर्णय लिया है. सूत्रों के अनुसार खबर है कि आयोग लॉकडाउन की गहमागहमी के बीच 27 मई से पहले महाराष्ट्र विधान परिषद का चुनाव करा लेगा. इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं. बता दें कि गुरुवार को ही महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने चुनाव आयोग से राज्य विधानमंडल के उच्च सदन की नौ रिक्त सीटों के लिये चुनाव की घोषणा करने का अनुरोध किया था.

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उद्धव के लिए 27 मई तक विधानसभा के किसी भी सदन में चुना जाना आवश्यक है.
राज्य मंत्रिमंडल ने दो बार कोश्यारी से सिफारिश की थी कि वह राज्यपाल के कोटे से ठाकरे को विधान परिषद में मनोनीत करें. इसके बावजूद कोश्यारी ने चुनाव आयोग से चुनाव कराने का अनुरोध करने का फैसला किया था.

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राजभवन से जारी एक बयान में कहा गया है कि चुनाव कराने के लिए निर्वाचन आयोग को पत्र लिखने के लिए राज्यपाल से अनुरोध करने संबंधी उद्धव ठाकरे का लिखा पत्र उन्हें बृहस्पतिवार शाम को सौंपा गया.

इसमें कहा गया है कि यह पत्र राज्य के शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे और शिवसेना सचिव मिलिंद नारवेकर ने सौंपा.

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ये नौ सीटें 24 अप्रैल से रिक्त हैं. उद्धव ठाकरे राज्य विधानमंडल के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं, ऐसे में उन्हें 27 मई 2020 से पहले विधानमंडल के किसी सदन में निर्वाचित होना पड़ेगा.

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चुनाव आयोग ने कोरोना वायरस संकट के चलते इन नौ सीटों पर चुनाव प्रक्रिया रोक रखी थी.

ठाकरे ने 28 नवंबर 2019 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, जिसके बाद उन्हें छह महीने के अंदर राज्य विधानमंडल के किसी सदन का सदस्य बनना होगा.

राज्य मंत्रिमंडल ने विधान परिषद में राज्यपाल द्वारा मनोनीत किये जाने वाले एक सदस्य के रूप में ठाकरे के नाम की सिफारिश की थी.

इस बीच, राज्य कांग्रेस अध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने कहा था कि शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस ने आयोग को अलग-अलग पत्र लिखकर विधान परिषद की नौ रिक्त सीटों पर चुनाव कराने का अनुरोध किया है ताकि उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री पद पर बने रहने को लेकर अनिश्चितता समाप्त हो सके.

राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखने के राज्यपाल के फैसले का स्वागत किया था.

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