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मुख्यमंत्री योगी के असंवैधानिक बयान पर चुनाव आयोग की चुप्पी खटकने वाली है

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Pravin Kumar

योगी आदित्यनाथ ने संताल परगना के जामताड़ा में जिस अंदाज में वोटरों के बीच हिंदू-मुसलमान की विभाजक रेखा खींची, वो शर्मनाक है. बावजूद इसके चुनाव आयोग की खामोशी आश्चर्यजनक है. चुनावों में धार्मिक तौर पर खुले आम धुवीकरण का झारखंड में यह नया दौर है. चुनाव आयोग जिस बेचारगी का प्रदर्शन कर रहा है उससे मतदाता भी हतप्रभ जान पडते हैं. योगी ने आपने संबोधन में खूलेआम कहा कि कोई इरफान अंसारी जीतेगा तो अयोध्या में राम मंदिर कैसे बनेगा.

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राजनीति का गिरता स्तर बता रहा है कि सत्ता में बने रहने के लिए जूबान किसी भी स्तर पर ले जायी जा सकती है. खुद को सुप्रीम दिखाने के लिए किसी और पर लक्ष्य लगाने की प्रवृति भारतीय राजनीति का अब अभिन्न अंग बन गया है. जहां संवैधानिक मूल्यों को भी चुनाव में जीत के लिए खुले आम हनन किया जाने लगा है. एक प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर इस तरह की बात गंभीर है.

क्योंकि वे जिस पद पर बैठे हैं, उसकी गरिमा और सीमा भी इससे प्रभावित होती है. पिछले कुछ चुनावों से वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए जिस तरह के हेट स्पीच का इस्तेमाल किया जा रहा है, उस पर चुनाव आयोग का संज्ञान न लेना उन्हें बढावा ही देता है.

झारखंड विधानसभा चुनाव के पांचवें चरण में अपनी जीत का परचम लहराने के लिए एक पार्टी विशेष के लोगों के द्वारा धर्म और धार्मिक भावना को भड़काने का काम किया जा रहा है. लेकिन स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करने वाली संस्थान आज झारखंड में चुप है.

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अखिर इस चुप्पी की क्या मजबूरी है. चुनाव अयोग धार्मिक भावनाओं को लेकर हो रहे कैंपेन पर रोक नहीं लगा पा रहा है. जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी की बात अखबारों की सुर्खियां बनी हुई है.

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क्या कहता है संविधान

भारतीय संविधान में धर्मिक स्वतंत्रता का अधिकार अनुच्छेद 25 से 28 में मैजूद है. वहीं अनुच्छेद 15 (1) कहता है धार्मिक आधार पर विभेद का निषेध है. वहीं अनुच्छेद 16 (2) कहता है कि धार्मिक आधार पर लोक नियोजन से भेदभाव निषेध है. इसके बाद भी झारखंड विधानसभा चुनाव में खुल कर धार्मिक भावना को चुनाव जीतने के तौर पर प्रयोग किया जा रहा है.

और चुनाव आयोग चुप है. क्या है चुनाव अयोग की मजबूरी. चुनाव आयोग को में ऊंचे पदों पर बैठे अधिकारी क्या देश के संविधान की जनकारी नहीं है. या फिर संवैधानिक मुल्यो को दरकिनर का सरकारी पद पर बैठे रहना चहते हैं.

जामताड़ा में मुख्यमंत्री योगी ने क्या कहा

योगी बोले, कोई इरफान अंसारी जीतेगा तो अयोध्या में राम मंदिर कैसे बनेगा. झारखंड विधानसभा चुनाव के पांचवें चरण के चुनाव प्रचार के दैरान जामताड़ा की सभा में सीएम योगी ने कहा कि कोई इरफान अंसारी जीतेगा तो अयोध्या में राम मंदिर कैसे बनेगा.

उन्होंने कहा कि ये केवल मंदिर नहीं है. ये भगवान की जन्मभूमि पर बनने वाला राष्ट्र मंदिर है. जिस पर भारत की आत्मा विराजमान होगी. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह भाषण देश के संवैधानिक मूल्यो को तार-तार करने के लिए काफी था. योगी खुद एक सूबे के मुख्यमंत्री हैं.

और अंत में योगी जी से…योगी जी अपको यह ज्ञात ही होगा कि यह देश आपका नहीं बल्कि 125 करोड़ भारतीयों का है. और देश में कोई व्यक्ति बड़ा नहीं होता बल्कि देश चलता है देश के संविधान से. आप खुद संवैधानिक मूल्यों को तार-तार करने में लगे हम तो आप जैसे लोग पर जनता क्यो भरोसा करेगी. यह सवाल तो उठना लाजमी है.

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