न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

चुनाव आयोग का चुनावी सर्वेक्षण प्रकाशित करने को लेकर तीन मीडिया संस्थानों को कारण बताओ नोटिस

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस, इकोनॉमिक टाइम्स और स्वराज मास मीडिया को 48 घंटों के भीतर अपना बचाव पेश करने के लिए कहा गया है.  

43

NewDelhi  : चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव के दौरान कथित तौर पर चुनाव सर्वेक्षण जारी करने के लिये तीन मीडिया संगठनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी. बताया कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के दौरान सर्वेक्षण आधारित इन मीडिया रिपोर्टों में लोकसभा चुनाव के संभावित परिणाम का आंकलन किया गया है.

आयोग ने तीनों मीडिया संगठनों से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा है.  आयोग ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए इन्हें अगले 48 घंटों में यह बताने के लिए कहा है कि क्यों न इनके खिलाफ जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 126ए के तहत कार्रवाई की जाये.

इसे भी पढ़ें – मोदी को रोकने की कवायद, सोनिया ने विपक्षी दलों के नेताओं को फोन किया, 22-24 मई को दिल्ली बुलाया

48 घंटों के भीतर अपना जवाब पेश करने का आदेश

Related Posts

चार जजों की नियुक्ति के साथ 11 साल में पहली बार SC के जजों की संख्या 31 हुई

राष्ट्रपति द्वारा चार जजों को शपथ दिलाने के बाद 2009 के बाद पहला मौका है जब  SC  के जजों की कुल संख्या 31 हो गयी है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार चुनाव आयोग के प्रवक्ता शेफाली बी शरन के अनुसार इंडो-एशियन न्यूज सर्विस, इकोनॉमिक टाइम्स और स्वराज मास मीडिया को 48 घंटों के भीतर अपना बचाव पेश करने के लिए कहा गया है.  आईएएनएस के सीईओ और प्रधान संपादक संदीप बामजई ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, हमें अभी चुनाव आयोग से एक ईमेल मिला है और हम इस पर विचार कर रहे हैं. यदि चुनाव आयोग का मानना है कि कानून का उल्लंघन हुआ है, तो हम वह करेंगे जो आवश्यक है.

बता दें कि तीन मीडिया संगठनों ने हाल ही में लोकसभा सीटों पर हार जीत के अनुमान के आधार पर संभावित आंकड़े प्रस्तुत कर यह बताया था कि चुनाव में किस दल को कितनी सीटें मिलने का अनुमान है. आयोग ने इस पर संज्ञान लेते हुए इसे चुनाव सर्वेक्षण का ही एक तरीका माना है.  चुनाव आचार संहिता के नियमों के अनुसार चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद मतदान प्रक्रिया पूरी होने तक चुनाव सर्वेक्षण या एक्जिट पोल जारी नहीं किये जा सकते हैं.

इसे भी पढ़ें – भाजपा कार्यकर्ता प्रियंका को तुरंत रिहा क्यों न किया, ममता सरकार को SC की फटकार

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

hosp22
You might also like
%d bloggers like this: