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मांडर में बिछी चुनावी बिसात : चौथे शक्ति परीक्षण में कौन होता है पास, फैसला 26 जून को

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Ranchi : मांडर विधानसभा उपचुनाव की घोषणा के साथ ही झारखंड में एक बार फिर चुनावी बिसात बिछ गयी है. वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद यह चौथा मौका होगा जब पक्ष और विपक्ष का जनता की अदालत में सीधा शक्ति परीक्षण होगा. किसमे कितना दम है यह तो 26 जून को पता चलेगा, लेकिन चुनाव की घोषणा के साथ ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गयी है.

झारखंड अलग राज्य बनने के बाद यहां से कांग्रेस के देव कुमार धान विधायक थे, लेकिन उसके बाद से इस विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा दबदबा बंधु तिर्की का रहा. बीच में एक बार भाजपा को यहां से जीत का स्वाद चखने का मौका मिला. बंधु तिर्की अभी कांग्रेस पार्टी में हैं और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष हैं.
यह सीट भी बंधु तिर्की के आय से अधिक सम्पति मामले में सजा होने के बाद ही खाली हुई है. साफ है कि इस सीट पर मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही है.

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मांडर बंधु तिर्की का मजबूत गढ़ रहा है. 2005 से बंधु तिर्की मांडर में पकड़ बनाये हुए हैं. 2019 के विधानसभा चुनाव वह तीसरी बार विधायक बने थे़. पिछला चुनाव JVM की टिकट से जीते और बाद में कांग्रेस में शामिल हो गये. बंधु ने राजनीति की शुरुआत राजद से की थी, लेकिन कालांतर में वह जोबा मांझी के साथ युजीडीपी में शामिल हो गए थे. पहली बार चुनाव भी उन्होंने युजीडीपी के सिम्बल से ही जीता था. बंधु कभी भी एक दल में नहीं रहे. उन्होंने तीन बार विधानसभा का चुनाव जीता है और तीनों ही बार आलग-अलग दलों से.

कांग्रेस दे सकती है बंधु की बेटी को टिकट

उपचुनाव की घोषणा से पहले से ही कांग्रेस में इस बात की चर्चा थी कि बंधु तिर्की अपनी बेटी को मैदान में उतारने के लिए लोबिंग शुरू कर दी है. हालांकि कांग्रेस ने अबतक इस बाबत कोई घोषणा नहीं की है. बंधु पिछले दो दिनों से दिल्ली में हैं. बुधवार को उनकी कांग्रेस अध्यक्ष सोनोया गांधी से भी मुलाकात हुई है. कहा यह जा रहा है कि बंधु अपनी बेटी के लिए ही दिल्ली में कैंप किये हुए हैं. कांग्रेस के टिकट पर पिछला चुनाव लड़ने वाले सन्नी टोप्पो भी जोर लगायेंगे.

भाजपा से गंगोत्री, आशा लकड़ा व अरुण उरांव हैं रेस में

इधर भाजपा में भी मांडर से चुनावी मैदान में भाग्य आजमाने के लिए कई दावेदार सामने आये हैं और अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं. तिर्की को एक बार शिकस्त देने वाली गंगोत्री कुजूर का नाम आगे है. वहीं रांची की मेयर आशा लकड़ा भी मांडर में जमीन तलाश रही है. भाजपा सूत्रों के अनुसार पूर्व IPS अधिकारी डॉ अरुण उरांव का भी नाम चल रहा है.

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मांडर कांग्रेस का गढ़, भाजपा की एक नहीं चलेगी : राजेश ठाकुर

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि मांडर कांग्रेस का गढ़ है. भाजपा की यहां एक नहीं चलेगी. उन्होंने कहा कि मांडर की जनता सांप्रदायिक व समाज को बांटने वाली पार्टियों के खिलाफ रही है. यह कांग्रेस की परंपरगात सीट रही है. भाजपा को यहां कई बार मुंह की खानी पड़ी है़. कांग्रेस गठबंधन के साथ पूरी ताकत से लड़ेगी और भाजपा की हर चुनौती का जवाब देगी. भाजपा ने सरकार को बदनाम करने की साजिश रची है, उसका जवाब मांडर में मिलेगा. बंधु तिर्की को साजिश के तहत फंसाया गया है़.

मांडर में सरकार को मिलेगा माकूल जवाब : दीपक प्रकाश

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा कि मांडर विधानसभा उपचुनाव में सरकार को माकूल जवाब मिलेगा. हेमंत सोरेन सरकार के भ्रष्टाचार और नाकामियों का हिसाब मांडर की जनता लेगी़. यह उपचुनाव वर्तमान राज्य सरकार को भविष्य का आईना दिखायेगा. राज्य में लूट तंत्र खड़ा करने वाली ताकतों को मांडर में जवाब दिया जायेगा़. भ्रष्टाचार को खाद-पानी देने वाली कांग्रेस को मांडर की जनता उखाड़ फेंकेगी़.

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