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एकलव्य विद्यालय: ओड़िशा के बाद झारखंड को मिला सबसे अधिक फंड, 23 नए स्कूल का हो रहा निर्माण

Ranchi. जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार की वार्षिक रिपोर्ट 2019 -20 के अनुसार ओड़िशा के बाद सबसे अधिक फंड झारखंड को मिला है. ओड़िशा को 572 करोड़ रुपया आवंटित किए गए थे वहीं, झारखंड को 476 करोड़ रुपये आवासीय एकलव्य विद्यालय के संचालन के लिए मिला था. केन्द्र ने 2019-20 में 14 राज्यों में चल रहे एकलव्य विद्यालय के लिय 2052 करोड़ खर्च किया.

इस दौरान जिसमें ओड़िशा के 28, झारखंड के 21, छत्तीसगढ़ के 14 और मध्यप्रदेश के 10 स्कूल सहित देशभर के 100 स्कूल शामिल हैं. वहीं, झारखंड में 69 नये स्कूल खोले जाने हैं. जिसमें 23 नये एकलव्य विद्यालय के भवन निर्माण का कार्य किया जा रहा है.

462 नये एकलव्य विद्यालय में झारखंड 69 विद्यालय
केन्द्र की सहयोग से 462 नये एकलव्य विद्यालय खेले जाने की घोषणा नवंबर 2019 में की गई थी. इनमें झारखंड 69 विद्यालय खोलने की मंजूरी मिली है. इसके लिए प्रखंड स्तर पर 20 हजार से अधिक आबादी वाले जनजातीय क्षेत्रों का चयन किया गया है. जहां नवोदय विद्यालय की तर्ज पर एकलव्य विद्यालय खोला जाना है.

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23 नये एकलव्य विद्यालय भवन निर्माण प्रगति पर
2020-21 में वित वर्ष में झारखंड में 23 नये एकलव्य विद्यालय पर काम किया जा रहा है राज्य को पांच सालों में नये 69 एकलव्य विद्यालय को खोलने की मंजूरी मिली है. उन में से 23 विद्यालय का निर्माण किया जा रहा है. नये एकलव्य विद्यालयों के भवन निर्माण के लिये केंद्रीय स्तर पर निर्माण एजेंसियों शॉर्टलिस्ट किया गया है.

14 राज्यों में चल रहे हैं एकलव्य विद्यालय
झारखंड सहित 14 राज्यों में एकलव्य विद्यालय चलाया जा रहा है जिसमें आंध्र प्रदेश ,छत्तीसगढ़, गुजरात , मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम ,नागालैंड ,ओड़िशा, राजस्थान ,तेलंगाना और त्रिपुरा शामिल है. जनजातीय इलाकों में शिक्षा
का को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा सोसायटी की स्थापना किया है जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा सोसायटी की स्थापना की गई है.

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