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आठ बड़े संदेहास्पद मामले जिसका खुलासा आज तक नहीं कर पायी पुलिस

Ranchi:  झारखंड के पूर्व डीजीपी ने लंबित कांडों को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी, जिसके बाद प्रदेश भर के एसपी को निर्देश दिया कि इन लंबित केसों के निस्तारण को लेकर टीम का गठन करें ताकि लंबित पड़े केसों का डिस्पोजल हो सके. डीजीपी के आदेश के बाद रांची पुलिस ने स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया था. वर्ष 2018 के पेंडिंग केसों के डिस्पोजल को लेकर रांची पुलिस ने 40 एसआई की स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया है. इस टीम को 3 महीने में 400 लंबित केसों के डिस्पोजल की जिम्मेवारी सौंपी गई है. वहीं, इस दरम्यान इस टीम में शामिल लोगों का न तो तबादला होगा और न ही इन्हें विधि व्यवस्था से संबंधित ही कोई काम दिया जायेगा.

चलिए अब आपको बताते हैं वो पांच बड़े मामले जिसमें आज भी पुलिस के हाथ खाली हैं.

 

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आठ संदेहास्पद मामले जिनके बारे में पुलिस की अनुसंधान अबतक अधूरी

 

1  बोकारो जिला के चास थाना अंतर्गत ब्राह्मण द्वारिका में 21 जनवरी 2021 को करगली गेट के पास रेलवे लाइन के बगल में अज्ञात शव बरामद हुई थी. पंकज कुमार भारद्वाज ने बेरमो थाना में लिखित आवेदन दिया था. इस अनुसंधान में अज्ञात शव की पहचान बलविंदर सिंह बेरमो थाना निवासी के रूप में हुई थी. अब तक के अनुसंधान में मृतक के परिजनों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है लेकिन यह कांड वर्तमान में अनुसंधान के अंतर्गत है.

 

2 हजारीबाग मेडिकल कॉलेज की छात्रा पूजा भारती की हत्या के संबंध में पतरातू थाना में प्राथमिकी दर्ज किया गया था. पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी थी कि यह मामला आत्महत्या का है.

 

3  रातू थाना क्षेत्र के निवासी संजय झा के छः वर्षीय पुत्र हिमांशु कुमार की गुमशुदगी के संबंध में 7 फरवरी 2020 को रातू थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इस प्राथमिकी में मनोज कुमार राय और सुनीता देवी का नाम था. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मनोज कुमार राय को जेल भेज दी थी जबकि दूसरे अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं हो सकी.

 

4  महावीर प्रसाद माहेश्वरी एवं उनके परिवार के पांच अन्य सदस्यों के शव हजारीबाग के खजांची तलाब से बरामद हुई थी. इस संबंध में हजारीबाग सदर थाना में 15 जुलाई 2018 को प्राथमिकी दर्ज किया गया था. घटनास्थल पर से आठ विभिन्न जगह से लिफाफे में बंद सुसाइड नोट भी मिले थे। इस मामले का अनुसंधान वर्तमान में अपराध अनुसंधान विभाग, झारखंड द्वारा किया जा रहा है.

 

5  डोरंडा थाना क्षेत्र में 9 दिसंबर 2018 को अज्ञात शव मिलने के मामले में डोरंडा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. मृतक की पहचान अमित जोशी टोपनो के रूप में हुई थी। मृतक मूल रूप से खूंटी जिला का रहने वाला था। इस मामले की खुलासा पुलिस अब तक नहीं कर पाई है.

 

6  शिव प्रसाद  हत्याकांड का खुलासा पुलिस आज तक नहीं कर पाई है. इस मामले को लेकर 7 जुलाई  2018 को लालपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. लेकिन यह कांड वर्तमान में अनुसंधान के अंतर्गत है.

 

7 बुंडू थाना क्षेत्र में 14 फरवरी 2014 को अज्ञात महिला का अधजला शव मिलने के संबंध में 15 फरवरी 2014 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी लेकिन इस कांड में अब तक पुलिस कोई भी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है.

 

8 अरगोड़ा थाना क्षेत्र के सहजानंद चौक के समीप एक विवाहिता का शव बरामद किया गया था. इस संबंध में अरगोड़ा थाने में 8 सिंतबर 2020 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इस प्राथमिकी में पांच लोगों पर केस दर्ज की गई थी लेकिन अनुसंधान के दौरान पुलिस को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण सभी लोगों को बरी कर दिया गया था.

 

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