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पुलवामा हमले का असर : इधर से टमाटर नहीं जायेगा, उधर से छुहारा और आम नहीं आयेगा

किसानों ने तय किया है कि वे उन कारोबारियों को अपनी उपज हर्गिज नहीं बेचेंगे, जो पाकिस्तान को इस सब्जी का निर्यात करते हैं.

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Indore : पुलवामा आतंकी हमले को लेकर आक्रोशित मध्यप्रदेश के किसानों ने पाकिस्तान को टमाटर की आपूर्ति से इनकार कर दिया है. साथ ही कारोबारियों ने ये घोषणा भी की है कि वे आर्थिक मोर्चे पर पड़ोसी मुल्क के दांत खट्टे करने के लिये वहां से आयातित खारक (छुहारा), सेंधा नमक और आम नहीं बेचेंगे. मध्यप्रदेश के कृषक संगठन किसान सेना के प्रदेश सचिव जगदीश रावलिया ने पीटीआई को बताया कि सूबे के अलग-अलग इलाकों के टमाटर उत्पादक किसानों ने तय किया है कि वे उन कारोबारियों को अपनी उपज हर्गिज नहीं बेचेंगे, जो पाकिस्तान को इस सब्जी का निर्यात करते हैं.

भारतीय टमाटर की पाकिस्तान में खासी है मांग

उन्होंने कहा कि जिस पाकिस्तान की नापाक शह पर होने वाले आतंकी हमलों में हमारे सैनिकों का खून बह रहा है, उस मुल्क को हम अपने पसीने से पैदा उपज नहीं भेजेंगे. भले ही हमें कितना भी माली नुकसान उठाना पड़े. जानकारों ने बताया कि सूबे में झाबुआ, खरगोन, शाजापुर और धार जिले प्रमुख टमाटर उत्पादकों में शामिल हैं. इन इलाकों में उगाया जाने वाला टमाटर मुख्य रूप से दिल्ली और मुंबई की मंडियों से होता हुआ पाकिस्तान पहुंचता है. भारतीय टमाटर की पाकिस्तान में खासी मांग रहती है. इस बीच  इंदौर की देवी अहिल्याबाई होल्कर फल मंडी के कारोबारियों ने फैसला किया है कि वे इस बार पाकिस्तानी आम नहीं बेचेंगे. यह मंडी प्रदेश में फलों की खरीद-फरोख्त का सबसे बड़ा केंद्र मानी जाती है.

हमले से किराना कारोबार पर पड़ा है असर

इंदौर फ्रूट मर्चेन्ट एसोसिएशन के सचिव नरेश फुंदवानी ने बताया कि पुलवामा आतंकी हमले के मद्देनजर हमने तय किया है कि हम इस बार पाकिस्तानी आम नहीं बेचेंगे. पाकिस्तानी आम खासकर दिल्ली से होते हुए इंदौर की मंडी में पहुंचता है. पुलवामा आतंकी हमले का भारत और पाकिस्तान के बीच के किराना कारोबार पर भी बड़ा असर पड़ा है. इंदौर के सियागंज थोक किराना व्यापारी संघ के अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में सीआरपीएफ जवानों के काफिले पर आतंकी हमले के मद्देनजर उनके संगठन ने तय किया है कि पाकिस्तान से खारक (छुहारा) और सेंधा नमक का आयात नहीं किया जायेगा.

इसके अलावा खंडेलवाल ने बताया कि पुलवामा आतंकी हमले से पहले हर दिन 300 क्विंटल से ज्यादा पाकिस्तानी खारक सियागंज किराना बाजार पहुंच रही थी. इस खारक की मध्यप्रदेश के अन्य इलाकों के साथ ही छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और गुजरात समेत कई सूबों को आपूर्ति की जा रही थी. उन्होंने बताया कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद से हम पाकिस्तान से खारक और सेंधा नमक नहीं मंगा रहे हैं. पड़ोसी देश की शह पर इस कायराना करतूत से आक्रोशित कई भारतीय किराना व्यापारियों ने पाकिस्तानी कारोबारियों को दिया अपना पुराना ऑर्डर भी रद्द कर दिया है.

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