न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

शिक्षा सुलभ, सुसंस्कृत होनी चाहिए : मोहन भागवत

1,958

Dhanbad: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघ चालक मोहन भागवत ने कहा कि हमारे लिए शिक्षा सिर्फ पाठ्यक्रम नहीं है.  यह संस्कार है. शिक्षा सर्व सुलभ, सुसंस्कृत होनी चाहिए. जिन संस्कारों से मनुष्य का जीवन सुसंस्कृत बनता है, शिक्षालयों में उन संस्कारों की शिक्षा मिलनी चाहिए. लोग पढ़-लिख कर नहीं बल्कि देखकर ज्यादा सीखते हैं. इसलिए समाज में अच्छा काम होना चाहिए. राजकमल विद्या मंदिर के बालिका खंड हरदेव राम मीताथालिया भवन का लोकार्पण करते हुए मोहन भागवत ने यह विचार व्यक्त किया. उन्होंने राजकमल विद्या मंदिर की 40 साल पहले स्थापना करनेवालों की तारीफ की. कहा कि 40 वर्षों से काम करता आ रहा यह विद्यालय देश के लिए और अच्छे लोगों को तैयार करे ऐसी मेरी शुभकामना है. यह सोचने का कोई मतलब नहीं कि सरकार और उसके प्रतिनिधि क्या करेंगे.

मौके पर ये लोग थे मौजूद

राजकमल के कार्यक्रम में विद्या भारती के मार्गदर्शक ब्रह्मदेव शर्मा भाइजी, उत्तर पूर्व के सर संघचालक सिद्धनाथ सिंह आदि प्रमुख थे. विद्यालय के सचिव विनोद कुमार तुलस्यान ने प्रस्तावना का पाठ किया. शंकर दयाल बुधिया ने धन्यवाद दिया.

इसे भी पढ़ेंः नीति आयोग की रिपोर्ट ने खोली झारखंड के विकास की पोल : झाविमो

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: