न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

गर्मी को लेकर शिक्षा विभाग का निर्देश,  एक से तीन तक की कक्षाएं 22 जून तक स्थगित  

चार से आठ की कक्षाएं सुबह 6.30 से 9.30 तक, कक्षा नौ से बारहवीं की कक्षाएं सुबह 6.30 से 10.30 तक, 24 जून से 6.30 से 11.30 तक चलेंगी कक्षाएं

3,262

Ranchi :  गर्मी को देखते हुए स्कूल शिक्षा साक्षरता विभाग की ओर से सभी उपायुक्तों को निर्देश जारी किया गया है. जिसमें कक्षा एक से तीन तक की कक्षाएं 22 जून तक स्थगित रखने का आदेश दिया गया है. विभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि राज्य में मानसून विलंब से आयेगा, इसलिए कक्षाएं स्थगित की जा रही है. वहीं चार से आठ तक की कक्षाएं सुबह 6.30 से 9.30 बजे तक चलेगी.  इन कक्षाओं के छात्रों को मध्याह्न भोजन करा के ही छुट्टी देने की बात कही गयी है. प्रधान सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह की ओर से जारी इस पत्र में सभी जिला उपायुक्तों को जिला स्तर पर निर्देश जारी करने का आदेश दिया गया है. 24 जून से स्कूल नियत समय पर चलेंगे. जिसमें 6.30 से 11.30 तक कक्षाएं लगेंगी और पठन पाठन सामान्य रहेगा.

आवासीय स्कूल निर्धारित समय पर चलेंगे

आवासीय स्कूलों के लिए भी विभाग की ओर से निर्देश जारी किये गये है. विभाग की ओर से जारी पत्र में आवासीय स्कूलों को यथावत चलाने की बात है. कक्षा नौ से बारहवीं की कक्षाएं सुबह 6.30 से 10.30 तक चलेगी. इसके साथ ही सभी स्कूलों में पेयजल की व्यवस्था करने की बात की गयी है. जिसके तहत सभी स्कूलों में पेयजल की उपलब्धता अनिवार्य रूप से होनी चाहिए. वहीं गर्मी को देखते हुए सभी स्कूलों में बिजली और पंखा भी उपलब्ध होना चाहिए.  निजी स्कूलों के लिए उपायुक्त स्थानीय स्थिति को देखते हुए निर्णय लेंगे.

छुट्टी के बाद चलायें अभियान

Related Posts

भाजपा शासनकाल में एक भी उद्योग नहीं लगा, नौकरी के लिए दर दर भटक रहे हैं युवा : अरुप चटर्जी

चिरकुंडा स्थित यंग स्टार क्लब परिसर में रविवार को अलग मासस और युवा मोर्चा का मिलन समारोह हुआ.

SMILE

स्कूल चलें चलायें अभियान स्कूलों की छुट्टी के बाद करने का निर्देश दिया गया है. शिक्षकों को गांव गांव जाकर इस संबध में बच्चों को चिन्हित करना है. साथ ही ऐसे बच्चों को नामाकंन तय करना है.  बीआरपी सीआरपी कर्मियों को पूर्व की भांति ही टैब से सूचना देनी है. साथ ही मीड डे मील में प्रति दिन कम से कम 75 प्रतिशत छात्रों की उपस्थिति शिक्षकों को तय करनी है. इन्हें भोजन भी नियमित रूटीन के हिसाब से देने का निर्देश है.

इसे भी पढ़ें – दर्द-ए-पारा शिक्षक: परिवार में तीन शिक्षक, सिर पर दो लाख का कर्ज-कई महीनों से घर में नहीं पकी दाल

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: