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ईडी की चल रही तैयारी, अवैध खदान लोडिंग मामले में आ सकती है रेल अधिकारियों की बारी

Ranchi: झारखंड में ईडी की कार्रवाई में अवैध खनन को लेकर कई खुलासे सामने आये है. कई नौकरशाह सफेदपोश निशाने पर है. ईडी कोल लोडिंग मामले में रेलवे के अधिकारी से पूछताछ कर सकती है. अवैध खनन मामले में रेलवे महकमे की भूमिका सवालों के घेरे में है. अवैध खनन में खनिज अफसरों के साथ साथ रेल अधिकारी भी मेहरबानी की है. इस वजह से माफियाओं के हौंसले बुलंद रहे. इस मामले में राज्य के करीब आधा दर्जन डीएमओ की भूमिका भी संदेह के घेरे में है. वर्षो से अवैध खनन कर बेची जा रही खनिज संपदा, जिम्मेदार अधिकारी की मेहरबानी के बिना खनिज माफिया इस कदर बेखौफ होकर काम नहीं कर सकते. सीधे तौर पर माफियाओं ने बेशकीमती खनिज संपदा खोदकर प्राकृतिक तंत्र से भी खिलवाड़ किया है. किसी ने भी सरकार को लगाई जा रही इस चपत पर ध्यान नहीं दिया. अंदाजा लगाया जा सकता है कि माफियाओं ने किस स्तर पर सारी सेटिंग की होगी, जिससे वे पूरी तरह बेखौफ होकर अवैध खनन करते रहे. पुख्ता सुत्रों के अनुसार जल्द ही कोल लोडिंग मामले में जिम्मेवार रेलवे अधिकारी को ईडी पूछताछ कर सकती है. हालांकि इसका अधिकारिक पुष्टि नहीं किया गया है. वर्षो से इतना बड़ा खेल हो रहा हो और किसी को पता ना हो यह अपने आप में बड़ा सवाल है.

 

विधायक ने रेलवे पर उठाया था सवाल

विधायक सरयू राय ने आम्रपाली के सीसीएल खदान से हो रही अवैध कोयला ढुलाई की जांच की मांग सीबीआई और राज्य सरकार से की थी. दिसंबर 2021 में जांच की मांग करते हुए कहा कि बीते दो सालों में शिवपुर साइडिंग से कितना अवैध कोयले की ढुलाई हुई है. विधायक के अनुसार आम्रपाली केंद्र सरकार के अधीन सीसीएल की खदान है. चालान राज्य को खान विभाग देता है और बगैर मिलीगभगत के वैध चालान के बिना लाखों टन कोयले की अवैध ढुलाई खदान से साइडिंग तक नहीं हो सकती. रेलवे को भी यह बताना चाहिए कितना अवैध कोयला शिवपुर साइडिंग से गया है. उन्होंने आरोप लगाया था कि सीसीएल की आम्रपाली खदान से रोज सैकड़ों टन कोयला बिना वैध चालान के शिवपुर रेल साइडिंग पर जा रहा है, जो लीज़ क्षेत्र से बाहर है.

 

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रेलवे अधिकारी पर साहेबगंज सीजीएम कोर्ट में भी है मामला दर्ज

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साहेबगंज सीजीएम कोर्ट में तीन कंप्लेन केस दर्ज है, जिसमें रेलवे के कई अधिकारी का नाम शामिल है. इन अधिकारियों पर अपराधिक षड़यंत्र सहित कई तरह के आरोप है. जिसमें तत्कालीन स्टेशन मास्टर, गुड्य क्लर्क धनंजय यादव, गौतम स्थान रेलवे स्टेशन का रेलवे मैनेजर गुड्स, इस्टर्न रेलवे के डीओएम राजेश रंजन, इस्टर्न रेलवे के डीसीएम अमन कुमार, इस्टर्न रेलवे के ट्रैफिक इंस्पेक्टर मुनेश्वर यादव, स्टेशन मास्टर राजेश पाठक के साथ साथ साहेबगंज डीएमओ और पंकज मिश्रा सहित कई अन्य लोगों का भी नाम शामिल है.

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