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ईडी ने द क्विंट के संपादक राघव बहल के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया

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NewDelhi :  समाचार पोर्टल द क्विंट के संस्थापक संपादक राघव बहल के ख़िलाफ ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है. खबरों के अनुसार ईडी  (प्रवर्तन निदेशालय)  ने अघोषित विदेशी संपत्ति खरीदने के लिए कथित मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर मीडिया कारोबारी राघव बहल के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी है.

हालांकि बहल ने किसी भी गड़बड़ी से इनकार किया और कहा कि उन्होंने कर अधिकारियों के सामने सभी रिकार्ड समय से पेश किये थे.संघीय जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार  उनके और अन्य के खिलाफ आयकर विभाग की शिकायत का संज्ञान लेते हुए ईडी ने इस हफ्ते के शुरू में प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की. ईसीआईआर पुलिस प्राथमिकी के समान है. यह मामला धनशोधन रोकथाम अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है.

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राघव बहल द क्विंट और नेटवर्क 18 समूह के संस्थापक है

सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग के आरोप पत्र और उसमें दर्ज किये गये सबूतों के गुण-दोष के आधार पर ईसीआईआर दर्ज की गयी है. बता दें कि, राघव बहल समाचार पोर्टल द क्विंट और नेटवर्क 18 समूह के संस्थापक और जाने-माने मीडिया कारोबारी हैं. बहल क्विंटिलिअन मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के मालिक हैं.

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इसी से द क्विंट वेबसाइट चलती है. क्विंटिलिअन कंपनी का द न्यूज़ मिनट वेबसाइट में भी हिस्सेदारी है. बता दें कि आयकर विभाग ने हाल ही में बहल के खिलाफ मेरठ की एक अदालत में कालाधन-निरोधक कानून या कालाधन (अज्ञात विदेशी आय और संपत्ति) एवं कर आरोपण कानून, 2015 के प्रावधानों के तहत आरोप पत्र दायर किया था.

बहल ने प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई की बात कबूली है.  कहा कि जांच एजेंसी ने लंदन में एक संपत्ति की खरीद के लिए भुगतान किये गये  2.73 लाख पाउंड (करीब 2.38 करोड़ रुपये) का कथित रूप से खुलासा नहीं करने को लेकर आयकर विभाग द्वारा दायर   आरोप पत्र का संज्ञान लेने के बाद ऐसा किया है.

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बिना किसी गलती के परेशान किया जा रहा है

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले इन दोनों विभागों की कार्रवाई से उन्हें लगता है कि ईमानदारीपूर्वक और तत्परता से कर चुकाने के बाद भी बिना किसी गलती के उन्हें परेशान किया जा रहा है.उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और सीबीडीटी एवं ईडी के प्रमुखों को भेजे ई-मेल में कहा कि जब मेरे और मेरी कंपनियों की ओर से कर्ज चुकाने की बात आती है, तब मेरी तरफ से कोई चूक नहीं की गयी है.बहल ने अपने ईमेल में लिखा, वह और उनकी पत्नी ने अपने टैक्स रिटर्न में पूरा खुलासा किया है, जो आयकर विभाग द्वारा उन्हें भेजे गये नोटिसों के कानूनी मुद्दों का निराकरण करता है.

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नोटिसों में कहा गया है कि कालाधन से लंदन में अघोषित संपत्ति खरीदी गयी. उन्होंने कहा, मैंने 2.73 लाख पाउंड से जुड़े सीमित आरोपों पर सफाई पेश करते हुए सभी सामग्री और जरूरी सबूत आयकर विभाग को दे चुका हूं.  मैं पहले ही कारण बताओ नोटिस और बाद की कार्रवाइयों को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में चुनौती दे चुका हूं. इस पर आयकर विभाग का जवाब मिलने के बाद 25 जून को सुनवाई होगी.

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