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ED ने शिवसेना नेता संजय राउत को किया गिरफ्तार, जानिए शिंकजे में लेने से पहले करीब 18 घंटे क्या-क्या हुआ

Uday Chandra

New Delhi: पात्रा चॉल जमीन घोटाला मामले में शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद को 18 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आखिरकर कल आधी रात को मुंबई में गिरफ्तार कर लिया. ईडी ने रविवार को सुबह सात बजे से रात करीब 12 बजे तक उनसे लंबी पूछताछ की. संजय राउत  को आज सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर ईडी कोर्ट में पेश किया जाएगा. इस बीच जैसे ही संजय राउत की गिरफ्तारी की खबर शिवसेना कार्यकर्ताओं को मिली, ED दफ्तर के बाहर उनका जमावड़ा शुरू हो गया और नारेबाजी जारी है.

 

ED ने रविवार को सुबह 7 बजकर 15 मिनट पर संजय राउत से पूछताछ शुरू की थी और शाम 4 बजकर 40 मिनट पर संजय राउत को हिरासत में लिया गया था. उनसे करीब 18 घंटे से तक पूछताछ हुई. देर रात 12 बजकर 40 मिनट पर संजय राउत को गिरफ्तार कर लिया गया.

 

ED को कल की छापेमारी में संजय राउत के घर से 11.5 लाख रुपए मिले हैं. संजय राउत प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी के अधिकारियों को इन पैसों के बारे में कोई जानकारी नहीं दे पाये हैं कि आख़िर ये पैसे किसके हैं और कहां से आए हैं? ईडी के एक बड़े अधिकारी ने बताया की इन पैसों से जुड़े सवाल का जवाब नहीं पाए थे. इस मामले में आगे की जांच की जा रही है. संजय राउत के घर से कई अहम दस्तावेजों के मिलने की भी बात सामने आ रही है. इनमें से कुछ पात्रा चॉल से जुड़े हैं.

 

क्या है पात्रा चॉल जमीन घोटाला ?

संजय राउत के खिलाफ ईडी की यह कार्रवाई पात्रा चॉल जमीन घोटाला मामले में की गई है. आरोप है कि गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन को पात्रा चॉल को नये सिरे से विकसित करने का काम MHADA ने दिया था. इसके तहत  मुंबई के गोरेगांव में 47 एकड़ में 672 किरायेदारों के घरों को नया रूप दिया जाना था. लेकिन गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन ने MHADA के साथ धोखाधड़ी कर बिना फ्लैट बनाए ही यह जमीन 9 बिल्डरों को 901.79 करोड़ रुपये में बेच दी. 2007 से जुड़े इस मामले में संजय राउत का नाम भी सामने आया है. ईडी छापेमारी से पहले इससे पहले जांच एजेंसी ने 27 जुलाई को राऊत को समन भेजकर पूछताछ के लिए ईडी के सामने पूछताछ के लिए हाजिर होने को कहा था लेतिन राउत पेश नहीं हुए थे और उन्होंने पेशी से छूट मांगी थी.

 

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