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अर्थव्यवस्था पर मंडरा रहे हैं संकट के बादल, IMF ने सभी देशों की सरकारों को दी चेतावनी

Dubai : हम एक ऐसी अर्थव्यवस्था देख रहे हैं जो अनुमान से भी कम रफ्तार से वृद्धि कर रही है. यह कहना है आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टीन लगार्ड का. इस खतरे की आशंका को लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने वैश्विक आर्थिक विकास को लेकर दुनिया को आगाह किया है. बता दें कि आईएमएफ ने दुनिया भर की सरकारों को सचेत करते हुए आर्थिक विकास उम्मीद से कम रहने पर उठने वाले संकट का सामना करने के लिए तैयार रहने को कहा है. आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टीन लगार्ड ने दुबई में आयोजित विश्व सरकार शिखर सम्मेलन में कहा, हम एक ऐसी अर्थव्यवस्था देख रहे हैं जो अनुमान से भी कम रफ्तार से वृद्धि कर रही है. जान लें कि आईएमएफ ने पिछले महीने ही इस साल की वैश्विक आर्थिक विकास दर का पूर्वानुमान 3.7 फीसदी से घटाकर 3.5 फीसदी कर दिया था. लगार्ड ने उन कारकों को वैश्विक अर्थव्यवस्था के सुस्त पड़ने की वजह करार दिया, जिन्हें वह अर्थव्यवस्था के ऊपर मंडराने वाले चार बादल बताती रही हैं. इस क्रम में उन्होंने चेतावनी दी कि तूफान कभी भी उठ सकता है.

सरकारों को संरक्षणवाद से बचने की सलाह

क्रिस्टीन लगार्ड  ने कहा कि इन जोखिमों में व्यापारिक तनाव और शुल्क बढ़ना, राजकोषीय स्थिति में सख्ती, ब्रेक्जिट को लेकर अनिश्चितता और चीन की अर्थव्यवस्था के सुस्त पड़ने की रफ्तार तेज होना शामिल है. उन्होंने कहा कि विश्व की दो शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं अमेरिका और चीन के बीच जारी शुल्क युद्ध का वैश्विक असर दिखने लगा है. आईएमएफ चीफ ने सरकारों को संरक्षणवाद से बचने की सलाह देते हुए कहा, हमें इस बारे में कोई अंदाजा नहीं है कि यह किस तरह खत्म होने वाला है और क्या यह व्यापार, भरोसा और बाजार पर असर दिखाने की शुरुआत कर चुका है? लगार्ड ने कर्ज की बढ़ती लागत को भी जोखिम बताया. उन्होंने कहा, जब इतने सारे बादल छाये हों तो तूफान शुरू होने के लिए बिजली की एक चमक काफी है.

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