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अर्थशास्त्री देसाई, प्रोफेसर मिश्रा नेहरू मेमोरियल म्यूजियम सोसायटी से हटाये गये, अरनब, एस जयशंकर लाये गये

सरकार के रुख से सहमति नहीं रखने वाले सोसाइटी के सदस्य अर्थशास्त्री नितिन देसाई, प्रोफेसर उदयन मिश्रा और पूर्व नौकरशाह बीपी सिंह हटाये गये

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NewDelhi : मेादी सरकार ने नेहरु मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी सोसाइटी के तीन सदस़्यों को हटा दिया है. खबरों के अनुसार उनके स्थान पर नये सदस्यों को नियुक्त किया गया है. बता दें कि तीन मूर्ति एस्टेट में देश के सभी प्रधानमंत्रियों के म्यूजियम की नींव रखने के कुछ दिनों बाद ही विवाद शुरू हो गया था  जान लें कि  नेहरु मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी सोसाइटी के कुछ सदस्यों ने इस मुद्दे पर सरकार के रुख के प्रति नाराजगी जाहिर की थी. सरकार के रुख से सहमति नहीं रखने वाले सोसाइटी के इन तीन सदस्यों को हटा दिया गया और नये सदस्यों पूर्व विदेश सचिव एस.जयशंकर, पत्रकार अरनब गोस्वामी, भाजपा सांसद और भारतीय काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशन के अध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धि को नियुक्त कर दिया गया. बता दें कि सोसाइटी के एक सदस्य प्रताप भानु मेहता इस मुद्दे पर राजनैतिक दबाव के चलते इस्तीफा दे चुके हैं. सूत्रों के अनुसार, मेहता का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है. जिन सदस्यों को सरकार ने हटाया है, उनमें अर्थशास्त्री नितिन देसाई, प्रोफेसर उदयन मिश्रा और पूर्व नौकरशाह बीपी सिंह शामिल हैं.

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इन सदस्याें ने सरकार के फैसले का खुले तौर पर विरोध किया था

जानकारी के अनुसार इन सदस्यों ने नेहरु मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी में सभी प्रधानमंत्रियों का म्यूजियम बनाने के सरकार के फैसले का खुले तौर पर विरोध किया था. इस्तीफा देने वाले और हटाये गये सदस्यों के स्थान पर सरकार ने नव-नियुक्त सदस्यों के नामों का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इनमें पूर्व विदेश सचिव एस.जयशंकर, पत्रकार अरनब गोस्वामी, भाजपा सांसद और भारतीय काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशन के अध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धि शामिल हैं. इकॉनोमिक टाइम्स के  अनुसार, 29 अक्टूबर को जारी मिनिस्टरी ऑफ कल्चर के नोटिफिकेशन के अनुसार, नये सदस्यों का कार्यकाल 26 अप्रैल, 2020 तक या अगले आदेश तक रहेगा.  बता दें कि म्यूजियम से संबंधित सभी महत्वपूर्ण फैसले नेहरु मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी सोसाइटी ही लेती है.  वहीं सरकार के इस फैसले पर टिप्पणी करते हुए कांग्रेस नेता और सोसाइटी के सदस्य जयराम रमेश ने कहा है कि जिन लोगों को रिप्लेस किया गया है, वो लोग मजबूत इच्छाशक्ति वाले लोग हैं.

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