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पलामू-गढ़वा में आर्थिक तंगी ने ली व्यवसायी व छात्र की जान, पारा शिक्षक की इलाज के अभाव में मौत

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Palamu /Garhwa : पलामू प्रमंडल में आर्थिक तंगी और बेरोजगारी से परेशान व्यवसायी और छात्र ने जहां आत्महत्या कर ली, वहीं इलाज के अभाव में एक पारा शिक्षक की मौत हो गयी. गढ़वा जिले में व्यवसायी व छात्र ने जहां आत्महत्या की, वहीं पलामू जिले में दो वर्ष से मानदेय नहीं मिलने के कारण इलाज के अभाव में एक पारा शिक्षक की मौत हो गयी.

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आर्थिक तंगी झेल रहे व्यवसायी ने की आत्महत्या

गढ़वा जिले के मझिआंव नगर पंचायत क्षेत्र के वीआइपी गली निवासी भोला साह के 35 वर्षीय पुत्र गुप्तेश्वर साह उर्फ गुड्डू रंगीला ने आर्थिक तंगी के कारण अपने घर में फांसी लगा ली. जानकारी के अनुसार कोरोना काल में लॉकडाउन की वजह से गुड्डू रंगीला की दुकानदारी नहीं चल रही थी.

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वह आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के साप्ताहिक बाजारों में जाकर दुकानदारी करता था. लेकिन लॉकडाउन के कारण साप्ताहिक हाट बाजार भी बंद होने के कारण वह कर्ज तले दबा हुआ था. मजबूर होकर गुड्डू ने ऐसा कदम उठा लिया. गुड्डू रंगीला का मुख्य बाजार स्थित तीन मुहान पर दुकान है.

परिजनों के अनुसार वह अपने घर पर एक से दो बजे तक देखा गया. लेकिन भूसा वाला रूम में कब गया, किसी ने नहीं देखा. घर नहीं आने पर परिजनों ने खोजबीन की. उसके बाद जब परिजनों ने भूसा वाले घर का दरवाजा बंद पाया तो शंका होने पर मझिआंव थाना को सूचना दी.

सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सुधांशु कुमार के द्वारा एएसआई मंगू उरांव को दल बल के साथ भेजा गया. और पुलिस के द्वारा दरवाजा तोड़ा गया. देखा गया कि गुड्डू फांसी पर लटका हुआ है. थाना प्रभारी सुधांशु कुमार ने कहा कि हर पहलू से जांच करते हुए आगे की कार्रवाई की जायेगी. शव को पोस्टमार्टम के लिये गढ़वा भेज दिया है. गुड्डू अपने पीछे पत्नी के साथ तीन बच्चों को छोड़ गया है. उधर, घटना की खबर सुनते ही निवर्तमान अध्यक्ष सुमित्रा देवी भी भोला साह के घर पहुंची और परिजनों को सांत्वना देते हुए हर संभव मदद करने की बात कही.

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पारा शिक्षक की मौत, दो वर्ष से नहीं मिला था मानदेय

पलामू जिले के सतबरवा प्रखंड के बोहिता के हदहदवा टोला के पारा शिक्षक सुशील कुमार सिंह (45) की मौत हो गयी. पारा शिक्षक बीमार थे और उनका इलाज चल रहा था. पिछले दो वर्ष से मानदेय नहीं मिलने के कारण उनका ठीक से इलाज नहीं हो पाया. इससे अर्थाभाव की वजह से बुधवार को उनकी मौत हो गयी.

मौत की खबर पाकर पारा शिक्षकों का दल मृतक के घर पहुंचा और परिजनों से जानकारी ली. पारा शिक्षक संघ के अध्यक्ष ललन साहू, सहकर्मी कर्मचंद साहू, अनील कुमार, कमलेश सिंह, योगेंद्र सिंह, संतोष राम ने बताया कि सुशील कुमार सिंह बीते दो साल से बीमार चल रहे थे.

बीमार अवधि में भी वे स्कूल में बच्चों को पढाते रहें. सबसे अजीब स्थिति यह थी कि पढ़ाने और स्कूल का काम करने बाद भी उनका मानदेय दो साल से बंद कर दिया गया था. बीमार रहते हुए मानदेय के लिए बीआरसी की दौड़ लगाकर थक गये थे. पैसों की कमी के अभाव में श्री सिंह का बेहतर ढंग से इलाज नहीं हो सका और उन्होंने अंततः दम तोड़ दिया.

शिक्षक कृष्णमुरारी साहू, दरोगा यादव, कृष्णा यादव, श्रवण राम ने कहा कि सरकार की गलत नीति के चलते आज हमारे बीच का एक साथी शहीद हो गया. सरकार उनके परिजनों को दो साल का बकाया मानदेय दिलाये और एक परिजन को नौकरी में रखे.

नौकरी नहीं लगने से परेशान युवक ने की आत्महत्या

गढ़वा जिला मुख्यालय स्थित दीपूवा मोहल्ला निवासी स्वर्गीय सुदामा कुमार के पुत्र सूरज कुमार (30 वर्ष) ने बुधवार को अपने घर में पंखे में साड़ी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना के संबंध में मृतक की बहन कुमारी सुरभि कुमारी ने बताया कि उसके बड़े भाई सूरज कुमार बीटेक की पढ़ाई करने के बाद घर में बैठकर रेलवे आदि की तैयारी कर रहे थे. उन्हें नौकरी नहीं लग रही थी. इसके कारण काफी डिप्रेशन में रहते थे. घर के लोगों उन्हें काफी समझाया बुझाया करते रहते थे.

परिजनों द्वारा कहा गया था कि जब तक नौकरी नहीं हो पा रही है, तब तक घर में किसी दुकान में काम करते. सूरज को दुकान में काम भी लगाया गया था. लेकिन नौकरी की चाहत में सूरज कुमार ने आत्महत्या कर ली. घटना के बाद उसके परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर अंत्यपरीक्षण के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भेज दिया है.

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