NEWSWING
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

शहर में बढ़ा इको फ्रेंडली दुर्गा पूजा का क्रेज, जानिए कहां बन रहे कैसे पंडाल व मूर्तियां

नया संदेश देने के लिए बन रहे शहर के दुर्गा पूजा पंडाल

113

Ranchi: दुर्गा पूजा को लेकर राजधानी रांची में हलचल शुरू हो गयी है. शहर के प्रमुख पूजा पंडालों ने इसकी तैयारी करीब एक माह पहले से ही शुरू कर दी है.  कई स्थानों में पूजा पंडालों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. शहरवासी जितनी धूमधाम से मां दुर्गा की आराधना करते हैं, उतना ही मेला और पंडाल घूमने का भी आनंद लेते हैं. ऐसे में दुर्गा पूजा के आयोजक व पंडाल निर्माता ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों को रिझाने के लिए कुछ न कुछ नया और आकर्षक मूर्ति और पंडाल तैयार कर रहे हैं. आइये जानते हैं राजधानी रांची में दुर्गा पूजा के लेकर पंडालों की क्या तैयारी चल रही है.

इसे भी पढ़ें: इस दुर्गा पूजा बंगालियों के लिए विशेष पकवान

भारतीय सेना को हथियार देती दर्शन देंगी मां दुर्गा: राजस्थान मित्र मंडल हर वर्ष अपने अलग और आकर्षक थीम के कारण जाना जाता है. इस साल राजस्थान मित्र मंडल में राजस्थानी परंपरा के साथ शहीदों को श्रद्धांजलि दी जायेगी. यहां पंडाल काल्पनिक राजस्थानी परंपरा में दिखेगा. जिसमें, शहीदों और भारतीय सेना के चित्र बने होंगे. वहीं पंडाल के अंदर जाते ही ऐसा प्रतीत होगा कि भक्त भारत मां की गोद में है. मां दुर्गा भारत मां के समान सफेद साड़ी पहने हुए दिखेंगी, साड़ी का बॉर्डर तिरंगा के समान केसरिया, सफेद और हरे रंग का होगा. यहां मां दुर्गा सिपाहियों को हथियार देती दिखेंगी. मूर्ति के पीछे भारत का नक्शा बना रहेगा.   संस्था ने जानकारी दी है कि यह पूजा का 40 वां आयोजन है. जिसमें राजस्थानी परंपरा के अनुरूप मां दुर्गा को सिपाहियों के साथ दिखाया जायेगा. यहां सड़क पर होने वाली विद्युत सज्जा भी देश प्रेम को प्रदर्शित करेगी. समिति का बजट 23 लाख है.

इसे भी पढ़ें: दुर्गापूजा के लिए ट्रेन फुल, छठ के लिए तेजी से हो रही बुकिंग

जंगल और संस्कृति बचाने का संदेश: इस साल रांची रेलवे स्टेशन दुर्गा पूजा समिति की ओर से झारखंड की संस्कृति और सभ्यता को बचाने का संदेश दिया जायेगा. पंडाल काल्पनिक होगा, जिसमें आदिवासी त्योहार, मूलवासियों को शिकार करते दिखाया जायेगा. जिसे थर्माकोल, फाइबर आदि से बनाया जा रहा है. वहीं पंडाल के अंदर जाते ही भक्तों को सोहराई आर्ट, छउ नृत्य करते लोग, राज्य के पशु पक्षी, जल, जंगल आदि की जानकारी दी जायेगी. जबकि, मूर्ति सामान्य रहेगी. यह जानकारी देते हुए पूजा समिति के मुनचुन राय ने कहा कि वर्तमान समय में आदिवासी जल, जंगल, जमीन और अपनी सभ्यता संस्कृति को लेकर काफी संघर्ष कर रहे हैं. सभ्यता संस्कृति को बचाने का संदेश देते हुए पंडाल बनाया गया है. उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में  युवाओं को अपनी संस्कृति को समझने और संजोने की समझ होनी चाहिये. ऐसे में किसी को यदि झारखंड की सभ्यता से रू-ब-रू होना है, तो वे यहां आ सकते है. समिति का बजट 25 लाख है.

madhuranjan_add

बांग्ला परंपरा में की जायेगी पूजा: देशप्रिय क्लब में हर साल की भांति इस साल भी बांग्ला परंपरा में दुर्गा पूजा की जायेगी. सचिव असीम सरकार ने बताया कि क्लब की ओर से हर वर्ष पूजा का आयोजन किया जाता है, लेकिन पूजा के साथ समाज सेवा में अधिक ध्यान दिया जाता है. पूजा किसी थीम पर नहीं कर, बांग्ला परंपरा को ध्यान में रखते हुए की जायेगी. पंडाल काल्पनिक होगा. जबकि माता की प्रतिमा ढाके परंपरा में बनी रहेगी, जो सफेद रंग की होगी. उन्होंने बताया कि यूं तो ढाके के कई रंग होते हैं. लेकिन, सफेद रंग की प्रतिमा बनायी जायेगी. पचंमी के दिन पंडाल का पट खुलेगा, इसके साथ ही प्रत्येक दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा, जिसमें महिषासुर मर्दन नाटक, डांडिया आदि का आयोजन किया जायेगा. पूजा आयोजन का बजट सात लाख है.

यहां के पंडाल में दिखेगा भविष्‍य का मंदिर: भारतीय युवक संघ की ओर से बकरी बाजार में लगने वाला पूजा पंडाल हर साल की भांति इस वर्ष भी काफी आकर्षित करेगा. पंडाल का प्रारूप कोलकाता में बन रहे इस्कॉन मंदिर के समान है. कोलकाता में यह मंदिर 2027 में बनकर तैयार होगा, जिसका प्रारूप रांची में लोग इस बार देख सकेंगे. पंडाल के बाहर लाइटिंग की ऐसी व्यवस्था होगी, जिससे प्रत्येक मिनट लोगों को अलग अलग रंग का पंडाल देखने मिलेगा. पंडाल के भीतर जाते ही महल सा अनुभव होगा. बंगाल के कलाकारों ने खूबसूरत पेंटिंग महल के भीतरी दीवारों में की है, वहीं उपर के भाग में हाथ से पेंटिंग कर मोती, गोटा, जरी आदि से सजाया गया है, जो दर्शकों को काफी आकर्षित करेगा. देवी दुर्गा की प्रतिमा मिट्टी की बनी होगी.  जिसमें मिट्टी के ही वस्त्र, गहने, फूल माला आदि होंगे. उपाध्यक्ष अरंविद चौधरी ने बताया कि इस वर्ष पंडाल पूरी तरह से इको फ्रेंडली है. जिससे लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश मिलेगा. कमेटी के अमर चौधरी ने बताया कि लोगों के लिए गर्व की बात होगी, यहां कुछ अलग देखने को मिलेगा.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Averon

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: