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आसनसोलः ईसीएल का पॉवर प्लांटों पर 1600 सौ करोड़ रुपये से अधिक का बकाया

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Asansol:  कोल इंडिया की इकाई ईस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड पॉवर प्लांटों को कोयला तो दिया अब भुगतान की फरियाद कर रही है. कंपनी का पॉवर प्लांटों पर 1600 सौ करोड़ रूपये से अधिक का बकाया है. कंपनी की बोर्ड बैठक में इस बकाया पर चर्चा हो रही है. ऑडिट रिपोर्ट में भी इसका जिक्र किया गया है.

कंपनी सूत्रों के अनुसार पश्चिम बंगाल के वेस्ट बंगाल पॉवर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, एनटीपीसी, डीवीसी व टीएनबी पॉवर हाउसों पर सबसे ज्यादा बकाया है. सूत्रों ने बताया की बकाया राशि के भुगतान को लेकर पत्र भेजा चूका है. सबसे अधिक पैसा का बकाया वेस्ट बंगाल पॉवर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के पास 754 करोड़ रुपया बकाया है.

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सबसे ज्यादा पैसा बकाया वेस्ट बंगाल पॉवर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन पर

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सूत्रों ने बताया की इतना पैसा फंसे रहने के वावजूद भी उन्हें कोयले की आपूर्ति करनी है. कारण की दुर्गापूजा में बिजली की खपत ज्यादा है और पश्चिम बंगाल का मुख्य पूजा दुर्गापूजा एबं कालीपूजा होती है. उस समय बिजली की खपत बढ़ जाती है. सूत्रों ने बताया की कई कंपनियां के पास पैसा कोयला की क्वालिटी सहित अन्य मामलों के कारण बकाया है. उसके मिलने की सम्भावना भी कम लग रही है तथा कई पॉवर प्लांटों ने कोयला की ग्रेड, क्वालिटी व अन्य विवादों के कारण रोक ली है जो विवादों में पैसा फंसा हुआ है.

उसका फैसला मंत्रालय स्तर से होगी तभी पैसे का भुगतान होगा. इसीएल प्रबंधन का कहना है की जितना पैसा पॉवर सेक्टरों के पास बकाया है यदि उन सारे पैसा मिल जाते तो कंपनी की आर्थिक स्थिति और भी बेहतर होती. उन्होंने कहा की पॉवर सेक्टर में सबसे ज्यादा पैसा बकाया वेस्ट बंगाल पॉवर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के पास है. दुर्गापूजा में कोयला अधिक मात्रा में उपलब्ध करना होगा.

उसके ऊपर और भी बकाया बढ़ जायेगा. उन्होंने कहा की डब्ल्यूपीडीसीएल को कोयला देना मज़बूरी है. क्योंकि उसके क्षेत्र में कोयला खनन किया जा रहा है.

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