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बेरोजगार हो चुके ई-स्टांप वेंडरों ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, कहा ”ई-ग्रास सिस्टम के तहत सरकार दे काम

केंद्रीय मंत्री अर्जून मुंडा से भी मुलाकात कर लगा चुके हैं गुहार

Ranchi : राज्य सरकार के शुरू किये गये ‘ई-ग्रास पेपर’ सिस्टम के बाद पूर्व में कार्यरत सभी ई-स्टांप वेंडर बेरोजगार हो चूके हैं. रांची सहित राज्यभर में करीब 4000 स्टांप वेंडर इन बेरोजगारों की सूची में शामिल हैं. अपनी बदहाली स्थिति को देख अब झारखंड स्टेट स्टांप वेंडर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर अपनी पीड़ा बतायी है. एसोसिएशन के सदस्यों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि उन्हें भी ई-ग्रास सिस्टम के तहत काम मिले, ताकि वे अपने परिवार का पालन-पोषण सुचारू रूप से कर सकें.

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मोरहाबादी के बापू वाटिका में धरना देकर सीएम से की फरियाद

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दरअसल, झारखंड सरकार ने तीन वर्ष पहले ई-स्टांप पेपर की व्यवस्था शुरू की थी, जो बीते 4 सितंबर से समाप्त हो गयी थी. इसके कुछ दिनों बाद एसोसिएशन के सदस्यों ने मुख्यमंत्री से प्रोजेक्ट भवन में मुलाकात की थी. लेकिन सरकार के स्तर पर उनकी मांगो पर कोई विचार नहीं किया गया है. अपनी बदहाली स्थिति को देख सदस्यों ने बीते 2 अक्टूबर को मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका में धरना भी दिया था. उसी दिन इन्होंने केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंड़ा से भी मुलाकात कर अपनी फरियाद भी की थी.

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क्या है ई-ग्रास स्टांप पेपर

 

केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा से मुलाकात करते एसोसिएशन के सदस्य.

बीते 5 सितंबर से झारखंड सरकार ने ई-स्टांप पेपर की जगह ई-ग्रास स्टांप पेपर लागू कर दिया है. जेई ग्रास सॉफ्टवेयर के माध्यम से आम लोग कभी भी कहीं से भी 24 घंटे स्टांप पेपर ऑनलाइन खरीद सकते हैं. सरकार की इस नयी व्यवस्था ने वर्षों से स्टाम्प पेपर बेचने की व्यवसाय से जुड़े वेंडरों को बेरोजगार हो चूके है, जिसे देख इन्होंने सरकार से फरियाद की हैं.

कोविड के कारण तो बेरोजगार थे ही, ई-ग्रास सिस्टम से बेरोजगारी बढ़ गयी

 

मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में वेंडर एसोसिएशन ने कहा है कि वे कई वर्षों से सरकार से प्राप्त लाइसेंस के तहत स्टांप बेचने का काम कर रहे हैं. कोविड-19 के कारण विगत 18 मार्च से ही वे पहले से ही बेरोजगार है. इससे उन्हें और पूरे परिवार को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

इस बीच ई-ग्रास सिस्टम आने से वे अब पूरी तरह से बेरोजगार हो गये है. ऐसे में एसोसिएशन की सीएम हेमंत सोरेन से मांग है कि ई-ग्रास सिस्टम के माध्यम से स्टांप की बिक्री करने की उन्हें भी अनुमति मिले, ताकि वे बेरोजगार होने से बच सकें और अपने परिवार का भरण पोषण और बच्चों की शिक्षा सुचारू रूप से कर सकें.

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