Ranchi

ई-रिक्शा के आंदोलन से 3 घंटे तक प्रभावित रहा निगम कार्यालय, प्रशासन रहा मजबूर

Ranchi: अपनी मांगों को लेकर ई-रिक्शा चालकों ने नगर निगम के सामने आंदोलन किया. उनके आंदोलन से रांची नगर निगम का मुख्य गेट सोमवार को 3 घंटे से अधिक समय तक प्रभावित रहा. इस आंदोलन के समर्थन में आये आम आदमी पार्टी, झारखंड विकास मोर्चा, झारखंड मुक्ति मोर्चा से जुड़े नेताओं ने निगम गेट के बाहर ही सरकार विरोधी नारे लगाये. ऐसा होता देख भी निगम प्रशासन पूरी तरह मूखदर्शक बना रहा. आंदोलन के दौरान कोतवाली थाना प्रभारी श्यामनंद मंडल भी वहां उपस्थित थे. इसके बावजूद प्रशासन पूरी तरह मजबूर दिखा. ई-रिक्शा चालकों के आंदोलन से निगम गेट के आसपास यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी. ई- रिक्शा चालकों ने कहा कि मेयर आशा लकड़ा, डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय, नगर आयुक्त मनोज कुमार सहित सिटी मैनेजर सौरभ कुमार वर्मा जहां उन्हें जबरन परेशान करने में लगे हैं, वहीं चुटिया थाना की यातायात निरीक्षक मंजू कुजूर उन्हें जबरन डरा कर कहती हैं कि राजधानी की सड़कों पर वह उन्हें जीविका नहीं चलाने देंगी.

रूट परमिट के नाम पर पैसा लूट रहा निगम

रांची जिला ई-रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष अशरफ खान ने बताया कि सरकार और निगम की मिलीभगत से इन-ई रिक्शा चालकों पर अत्याचार किया जा रहा है. रूट परमिट के नाम पर निगम की इंर्फोसमेंट टीम गलत तरीके से 3000 से 25,000 तक फाइन काट कर हजारों रुपये लूट रही है. यह राशि निगम सहित यातायात पुलिस द्वारा भी काटी जा रही है. ऐसे में इन चालकों को दोहरी मार झेलने पड़ रही है. उन्होंने कहा कि इस दौरान अगर कोई चालक विरोध करता है, तो उन्हें यह धमकी दी जाती है कि उनके पेट में रस्सी बांध कर लापुंग भेज दिया जाएगा.

advt

करोड़ों रुपये हजम कर निगम कर रहा परेशान

उन्होंने कहा कि रांची निगम ने एक प्राइवेट कंपनी को शहर में ई-रिक्शा (हमसफर नाम की ईको गाड़ी) चालने का जिम्मा दे दिया है. कंपनी को इस कार्य को देकर निगम के अधिकारी करोड़ों रुपये हजम कर चुके हैं. वहीं कंपनी से बिना पूछे एक साल के लिए परमिट इश्यू कर दिया गया. जबकि हम ई-रिक्शा चालकों पर गलत रूट परमिट का आरोप लगा कर हजारों रुपये का फाइन काट जा रहा है.

यूनियन की मांगें

  • मुख्य मार्ग को छोड़ कर निगम रूट परमिट को रद्द करे
  • 16 किमी रेडियस के मार्ग को चलाने के लिए फ्री किया जाए
  • 3000 से 25,000 तक के फाइन पर तत्काल रोक लगे
  • पुलिस प्रशासन द्वारा किये जा रहे अत्याचार पर अविलंब रोक लगे
  • पैदल चलनेवाले यात्रियों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए ई-रिक्शा स्टॉप बनाया जाए
  • ई-रिक्शा को परमिट देने में निगम सहयोग करे
  • अगर कोई चालक गलत रूट पर चलता है, तो उनपर कम से कम (500 से 1500 रूपये तक) फाइन काटा जाए
  • अगर सरकार नहीं चाहती है, कि शहर में ई-रिक्शा चले, तो इसके लिए निगम प्रशासन विकल्प में उन्हें रोजगार मुहैया कराये

कमेटी बना कर मिले सदस्य, मांगों पर विचार करेगा निगम

उपनगर आयुक्त संजय कुमार ने इन ई-रिक्शा चालकों से बातचीत की. चालकों के सौंपे झापन को लेते हुए उन्होंने कहा कि यूनियन से जुड़े 4-5 सदस्य एक कमेटी बना कर नगर आयुक्त से मिलें. इसके बाद ही निगम उनकी मांगों पर विचार करेगा. इस दौरान उपनगर आयुक्त ने निगम पर कानून से बंधे रहने की भी बात कही. कहा कि कानून के अंदर रह कर ही निगम उनकी मांगों पर विचार करेगा.

इसे भी पढ़ें – विकास परिषद झारखंड के सीईओ अनिल स्वरूप का इस्तीफा मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कबूल किया

adv
advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button
Close