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आफत बन कर टूटा डीवीसी का ऐश पौंड, 50 घरों में घुसा पौंड का गंदा पानी

Sanjay

Bermo: बेरमो अनुमंडल के बोकारो थर्मल स्थित कारो स्पेशल फेज दो सहित निशन हाट झोपड़ पट्टी कॅालोनी, डीवीसी की आवासीय एचएमटी कॉलोनी के 50 से भी ज्यादा घरों में रहनेवाले लोगों के लिए नूरी नगर स्थित डीवीसी का ऐश पौंड आफत के रूप में बुधवार की रात्रि लगभग दो बजे टूट पड़ा.

रात दो बजे डीवीसी का एक नंबर पौंड 50 मीटर तक भरभरा कर टूट गया. रात में अपने घरों में सोये लोग जब तक कुछ समझ पाते, उनके घरों में पांच फीट तक छाई युक्त स्लरी प्रवेश कर गया और घरों में रखा लाखों रुपये का सारा सामान बरबाद हो गया.

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रात दो बजे टूटा पौंड

पौंड स्थित पंप हाऊस में मैकेनिकल का काम करनेवाली कंपनी जेजी इंजीनियरिंग तथा केबी इंजीनियरिंग में नाइट गार्ड का काम करनेवाले मो जफर अन्सारी, अभिमन्यु महतो, पंकज कुमार, समुंदर, नूनुचंद महतो, संतोष, ईश्वर महतो, पारस, पिंटू कुमार, निर्मल महतो आदि ने बताया कि बुधवार की रात्रि डेढ़ बजे अचानक पौंड से काफी मात्रा में पानी पंप हाऊस में भरने लगा तो उन्होंने पावर प्लांट में मोबाइल से फोन करके पावर काटने को कहा.

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पावर नहीं काटने के कारण पंप हाऊस का मोटर जलने का खतरा था. उन्होंने कहा कि इसी बीच एक नंबर ऐश पौंड टूट गया और काफी तेजी से स्लरी पंप हाऊस एवं केबी इंजीनियरिंग के कार्यस्थल में भर गया. कहा कि उन लोगों ने भाग कर अपनी-अपनी जान बचायी.

पंप हाऊस एवं पैनल सिस्टम में पानी एवं स्लरी भरने से पूरी मशीन डूब गयी तथा गार्ड प्रकाश की मोटरबाइक भी उसी में डूब गयी.

लापरवाही के कारण टूटा ऐश पौंड, क्षमता से अधिक जमा थी छाई

डीवीसी के एक नंबर ऐश पौंड की क्षमता 10 लाख क्यूबिक मीटर की थी. पौंड बनने के बाद जब छाई का गिराव सीसीएल की बंद पड़ी खदानों में किया जाता था, तो उस पर मिट्टी डालने के लिए पौंड से ही मिट्टी की कटिंग की गयी.

अप्रैल महीने में जब सीसीएल से छाई का गिराव उसकी बंद खदानों में गिराने पर रोक लगी तो डीवीसी प्रबंधन ने कोलकाता के निर्देश पर पौंड के किनारों को 5-6 फीट छाई एवं मिट्टी भर कर उसमें छाईयुक्त पानी को जमा करना आरंभ कर दिया था. इस प्रकार के उपाय से पौंड की क्षमता 10 लाख क्यूबिक मीटर से बढ़ कर लगभग 13 लाख क्यूबिक मीटर हो गयी थी.

ऐश युक्त पानी जमा करने के कारण पौंड पर अतिरिक्त दवाब पड़ रहा था और दवाब पड़ने से पानी का रिसाव भी हो रहा था, जिससे पौंड में दरार पड़ने लगी थी. इसके टूटने की आसंका प्रबल हो गयी थी. पौंड से पानी के दवाब को कम करने के लिए पानी भरे पौंड में मोटर और पाइप लगा कर पानी की निकासी की जा रही थी, जिससे दवाब को कम किया जा सके.

पानी निकासी का इस प्रकार का तरीका पौंड के लिए घातक साबित हो रहा था. पौंड से पानी निकाल कर उसे बांध पर ही गिराया जा रहा था जिससे बांध की मिट्टी का कटाव बाहर से हो रहा था और भीतर से दवाब पड़ने के कारण पौंड बुधवार की रात टूट गया.

कोनार एवं दामोदर नदी में समा गयी हजारों टन छाई

बुधवार की रात डीवीसी के ऐश पौंड टूटने के कारण एक अनुमान के अनुसार हजारों टन छाई बह कर कोनार एवं दामोदर नदी में समा गयी. नदी में छाई के प्रवाहित होने से दोनों ही नदियों का जल प्रदूषित हो गया है. नदियों में छाई के बहाव का सिलसिला लगातार जारी है.

दामोदर बचाओ आंदोलन के संरक्षक सह मंत्री ने कार्रवाई के लिए लिखा

डीवीसी का ऐश पौंड टूटने एवं कोनार एवं दामोदर नदी में हजारों टन छाई के गिरने के मामले पर दामोदर बचाओ आंदोलन के संरक्षक तथा सूबे के मंत्री सरयू राय ने झारखंड सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु नियंत्रण विभाग के सचिव को कार्रवाई एवं जांच के लिए लिखा है.

उन्होंने लिखा कि बोकारो थर्मल पावर प्लांट का ऐश पौंड टूटने से हजारों टन छाई दामोदर नद में प्रवाहित कर दी गयी है. नदी में छाई ही छाई बह रही है. यह आपदा मानव निर्मित है. उपायक्त बोकारो एवं अनुमंडलांधिकारी बेरमो से मामले की जांच करायें. तथा जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम- 1974 के प्रासंगिक प्रावधान के तहत डीवीसी प्रबंधन और ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करायें.

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बेरमो एसडीएम एवं सीओ ने लिया क्षति का जायजा

डीवीसी का पौंड टूटने एवं उससे प्रभावित लोगों के घरों की क्षति का आकलन करने के लिए बेरमो एसडीम प्रेम रंजन एवं सीओ मनोज कुमार बोकारो थर्मल पहुंचे. बेरमो एसडीएम ने तड़के ही स्थिति का जायजा लिया तथा बेरमो सीओ को आवश्यक दिशा निर्देश दिये.

एसडीएम ने कहा कि पौंड टूटने वाले मामले की उच्च स्तरीय जांच करवायी जायेगी. बेरमो सीओ ने डीवीसी के अधिकारियों में से अपर निदेशक नीरज सिन्हा, दिलीप कुमार, रविंद्र कुमार तथा स्थानीय थाना के इंस्पेक्टर उमेश कुमार ठाकुर के साथ मिल कर पीड़ित परिवारों के बीच चूड़ा, बिस्किट, ब्रेड, गुड़ आदि का वितरण करवाया.

कोलकाता से जांच करने के लिए आ रही टीम

पौंड टूटने की खबर के बाद डीवीसी मुख्यालय कोलकाता से जांच करने के लिए अधिकारियों की एक टीम बोकारो थर्मल आयेगी.

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