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डीवीसी ने विस्थापितों की समस्या सुलझाने के लिए की जनसुनवाई

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Latehar: दामोदर घाटी निगम ने जनसुनवाई का आयोजन किया. इसमें हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया. जन सुनवाई झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पार्षद रांची के बैनर तले की गयी. जन सुनवाई में प्रदूषण बोर्ड के पदाधिकारी आरएन कश्यप, डीवीसी के जीएम जेके मंडया एवं जिला प्रशासन की ओर से लातेहार अनुमंडल पदाधिकारी जयप्रकाश झा, जिला भूमि एवं सुधार पदाधिकारी नेल्सन बागे, लातेहार सीओ हरिस कुमार मौजूद रहे.

क्या है योजना

तुबेत कोयला खनन परियोजना के तहत लातेहार में 460 हेक्टेयर ज़मीन पर 60 मिलियन टन कोयला प्रतिवर्ष उत्खनन करना है. परियोजना की कुल लागत 1300 करोड़ है. इस परियोजना से प्रभावित होने वाले ग्रामीणो की संख्या 3753 है. इसमें छह गांवों के ग्रामीण शामिल हैं. और परियोजना से प्रभावित होने वाले घरों की संख्या 1482 है. इन ग्रामीणों को डीवीसी की ओर से पुनर्वास किया जाना है.

डीवीसी का विरोध नहीं, मगर पहले पूरा करे वादा 

नेवाड़ी पंचायत की मुखिया मुनिया देवी ने कहा कि एक रैयत की ज़मीन पर कई भूमिहीन खेती कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं. रैयत को तो मुआवजा मिल जायेगा मगर किसी तरह जीवन यापन कर रहे लोगो का क्या होगा. पहले उनकी व्यवस्था हो. कहा कि प्रभावित विस्थापित क्षेत्र आदिवासी बाहुल क्षेत्र है और आदिवासी की ज़मीन और खतियान ही परिचय होता है. यदि ज़मीन गयी तो सब चला जायेगा. इसलिए इस बिंदु पर भी विचार किया जाये. भू अधिग्रहण से पहले व्यवस्था की जाये.

ज़मीन का मुआवजा ग्राम सभा तय करेगी 

जन सुनवाई में शामिल वृद्ध ग्रामीण शिव कुमार सिंह ने कहा कि कम्पनी खनन करे. कोई एतराज नहीं है.  मगर ज़मीन की दर राज्य और केंद्र सरकार नहीं बल्कि प्रभावित होने वाली ग्राम की जनता करेगी. ऐसा जब तक नहीं होगा, विरोध होता रहेगा. माया देवी पति वरुण सिंह ग्राम नेवारी ने कहा कि कम्पनी जब ग्रामीणों से सीधा संवाद कर समस्या का निपटारा करना चाहती है 12 लोगों पर केस कर रखा है.

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