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डीवीसीः रांची और धनबाद से जांच करने आयी प्रदूषण नियंत्रण की टीम ने कहा- मानकों का हुआ उल्लंघन, होगी कार्रवाई

Bermo: बुधवार को बेरमो अनुमंडल के बोकारो थर्मल नूरीनगर स्थित डीवीसी के एक नंबर ऐश पौंड के टूटने तथा हजारों टन छाई कोनार एवं दामोदर नदी में बह कर जाने के मामले की जांच के लिए राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय धनबाद एवं रांची से पांच सदस्यों की टीम बोकारो थर्मल आयी.

प्रदूषण बोर्ड की टीम में प्रदूषण अभियंता डीपी सिंह, धनबाद के क्षेत्रीय अभियंता आरएन चौधरी, आशुतोष और आनंद शामिल थे. टीम ने बोकारो थर्मल नूरीनगर स्थित पौंड पर जाकर मामले की जांच की तथा डीवीसी सिविल के अधिकारियों से पौंड टूटने के मामले को लेकर पूछताछ करते हुए वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी भी की.

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बाद में टीम के सदस्यों में से डीपी सिंह ने पूछे जाने पर कहा कि ऐश पौंड की जो वर्तमान स्थिति है उसमें पर्यावरण के मानकों का उल्लंघन हुआ है. कहा कि वर्तमान में प्रदूषण नियंत्रण के मानक पहले से कहीं ज्यादा कठोर हैं.

स्पष्ट दिख रहा है कि पौंड के टूटने के बाद पौंड से निकलनेवाले छाईयुक्त गंदे पानी से कोनार एवं दामोदर नदी का पानी प्रदूषित हो रहा है. मामले में बोर्ड के द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है. पूरे मामले की जांच रिपोर्ट शुक्रवार की शाम को बोर्ड के अध्यक्ष एवं सदस्य सचिव को कार्रवाई के लिए सौंप दी जायेगी.

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65 एकड़ भूमि में बना था ऐश पौंड

डीवीसी द्वारा नूरीनगर में 65 एकड़ भूमि पर वर्ष 2008 में 10 लाख क्यूबिक मीटर की क्षमता वाले दो ऐश पौंड का निर्माण कार्य आरंभ किया गया था. 50 करोड़ रुपये की लागत से बननेवाले पौंड का निर्माण लगभग 80 करोड़ रुपये की लागत से वर्ष 2012 में पूरा हुआ था.

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प्रभावितों को दो लाख रुपया मुआवजा दे प्रबंधन

सीटू नेता भागीरथ शर्मा ने बेरमो एसडीएम प्रेम रंजन को बोकारो थर्मल के ऐश पौंड से प्रभावितों की लिखित सूची उपलब्ध करवाते हुए बतौर मुआवजा दो लाख रुपया भुगतान करवाने की मांग की है. कहा कि कई ऐसे परिवार हैं जिनका सब कुछ पौंड की बाढ़ में बह कर चला गया है.

भाकपा नेता ब्रजकिशोर सिंह ने कहा कि डीवीसी द्वारा पांच हजार का मुआवजा देना काफी हास्यास्पद लगता है. मुआवजा के नाम पर दी गयी राशि उनके साथ मजाक की तरह है. उन्होंने धान की फसल बरबाद होनेवाले किसानों तथा डीवीसी के प्रभावित बीस परिवारों को भी उचित मुआवजा देने की मांग की है.

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