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डीवीसीः टूटे पौंड की मरम्मत का काम आरंभ, मेंबर टेक्निकल सहित कोलकाता से जांच करने आयी टीम

Sanjay

Bermo: बुधवार की रात बेरमो अनंमुडल के बोकारो थर्मल नूरीनगर स्थित डीवीसी के टूटे एक नंबर ऐश पौंड मामले की जांच करने डीवीसी मुख्यालय कोलकाता से मेंबर टेक्निकल आरपी त्रिपाठी के नेतृत्व में एक टीम शुक्रवार को बोकारो थर्मल ऐश पौंड पहुंची.

जांच टीम में मेंबर टेक्निकल आरपी त्रिपाठी के अलावा ईडी प्रोजेक्ट बीएन शाह, मुख्य अभियंता मो यासीन सहित सिविल के कई अभियंता, स्थानीय प्रोजेक्ट हेड कमलेश कुमार, डिप्टी चीफ सिविल अरुण कुमार, टी अकबर, वीएन शर्मा, ईई बंधन राय आदि शामिल थे.

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रिकवरी पैनल रुम में जमा पानी.

जांच टीम ने टूटे हुए ऐश पौंड सहित सेटलिंग पौंड, रिकवरी सिस्टम आदि का निरीक्षण कर जांच की तथा आवश्यक दिशा निर्देश स्थानीय प्रोजेक्ट हेड सहित डिप्टी चीफ सिविल को दी.

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गुरुवार की रात टूटा सेटलिंग पौंड

गुरुवार की रात टूटे एक नंबर पौंड के नीचे बनाया गया सेटलिंग पौंड भी टूट गया. रात में पौंड में पड़ी दरार के स्थान से पूरा पौंड गिर पड़ा.

टूटा सेटलिंग पौंड.

इसके अलावा रिकवरी सिस्टम के समीप का पौंड भी एक नंबर पौंड से रिकवरी होकर आनेवाले लगातार ऐश युक्त पानी के कारण टूट कर गिर पड़ा. दोनों स्थानों पर पौंड के टूटने के कारण किसी भी प्रकार की जान माल की कोई क्षति नहीं हुई.

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टूटे पौंड की मरम्मत का काम आरंभ

मेंबर टेक्निकल और ईडी प्रोजेक्ट के नेतृत्व में शुक्रवार को आयी जांच टीम के आने के बाद टूटे एक नंबर पौंड की मरम्मत का काम डीवीसी के डिप्टी चीफ सिविल अरुण कुमार की देखरेख में आरंभ करवाया गया. पौंड की मरम्मत के काम के लिए मशानों के साथ-साथ मजदूरों को भी लगाया गया. बोरियों में भर कर रेत और छाई को भी टूटे हुए स्थान पर भरने का काम आरंभ किया गया.

ईडी प्रोजेक्ट ने कहा-मामले की जांच करेगी कमेटी

बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी के टूटे ऐश पौंड का निरीक्षण करने आये ईडी प्रोजेक्ट बीएन शाह ने पूछे जाने पर कहा कि पौंड टूटने की घटना पर डीवीसी मुख्यालय काफी गंभीर है. बुधवार की रात पौंड टूटने के बाद पौंड में पानी के डिस्पोजल का काम बंद कर दिया गया था. पौंड कैसे और किन कारणों से टूटा इसकी जांच की जा रही है.

कोलकाता से आयी जांच टीम.

उन्होंने कहा कि बंद पड़े पावर प्लांट को चालू करना पहली प्राथमिकता है और तीन दिनों के अंदर एक यूनिट को चालू कर दिया जायेगा. दूसरी यूनिट को भी जल्द ही चालू कर दिया जायेगा.

पौंड को 6 फीट तक मिट्टी से बांधे जाने और दवाब से पौंड के टूटने के प्रश्न पर ईडी प्रोजेक्ट ने कहा कि पिछले दिनों सीसीएल के द्वारा छाई के उठाव पर रोक लगा देने के कारण प्लानिंग के तहत ही पौंड को मिट्टी से ऊंचा करने का काम किया गया था और इससे पौंड पर दवाब नहीं पड़ा है.

मामले में डीवीसी के इंजीनियर की लापरवाही और कार्रवाई के प्रश्न पर ईडी ने कहा कि बोकारो थर्मल से कोलकाता जाने के बाद मामले को लेकर एक जांच कमेटी का गठन किया जायेगा. जांच कमेटी पौंड कैसे टूटा इसकी जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी. कहा कि मामले में दोषियों पर कार्रवाई की जायेगी.

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छह फीट पानी में डूबा है रिकवरी पंप हाऊस और पैनल रूम

ऐश पौंड से पावर प्लांट को रिकवरी सिस्टम के तहत पानी की सप्लाई करनेवाला रिकवरी का पंप हाऊस छह फीट छाई युक्त पानी में डूबा हुआ है. पंप हाऊस के कई मोटर और एक बाइक भी छाई एवं मिट्टी में दबे हुए हैं.

रिकवरी पंप हाऊस में पानी.

कोलकाता से आयी जांच टीम के आने के बाद पंप हाऊस से मजदूरों को लगा कर मिट्टी, छाई एवं पानी को निकालने का काम आरंभ किया गया ताकि पानी के कारण खराब मोटरों की मरम्मत करवायी जा सके. इसी प्रकार रिकवरी के पैनल रूम में भी छह फीट पानी भरा हुआ है और सारा पैनल पानी में डूबा है.

रुटीन जांच के नाम पर होती थी महज खानापूर्ति

डीवीसी के ऐश पौंड में सिविल एवं पावर प्लांट के इंजीनियरों की प्रतिदिन की रुटीन डयूटी है कि वे पौंड का चेकअप करें और किसी भी प्रकार के डैमेज को देख कर पौंड की मरम्मत का काम करायें.

पौंड से कई स्थानों पर विगत् पांच माह से पानी का रिसाव हो रहा था और रुटीन चेकअप करनेवाले इंजीनियरों का ध्यान इस ओर नहीं था. जांच के नाम पर इंजीनियर खानापूर्ति कर रहे थे.

कोनार नदी में लगातार जा रहा है छाईयुक्त पानी

डीवीसी के टूटे ऐश पौंड से सेटलिंग पौंड होकर रिकवरी सिस्टम के तहत ओवरफ्लो होकर छाईयुक्त गंदा पानी कोनार एवं दामोदर नदी में जाकर नदी के पानी को प्रदूषित कर रहा है.

सामान्य हो रहा जनजीवन

पौंड टूटने के बाद स्थानीय कारो स्पेशल फेज दो, निशन हाट झोपड़ पट्टी कॉलोनी तथा डीवीसी के एचएमटी कॉलोनी के प्रभावित लोगों का जनजीवन शुक्रवार को सामान्य होता दिखा. डीवीसी प्रबंधन के द्वारा मुआवजा के नाम पर महज खानापूर्ति की कार्रवाई को लेकर लोगों में काफी आक्रोश भी देखने को मिल रहा है.

कॉलोनी के प्रभावित लोगों का कहना था कि यह फौरी राहत थी न कि मुआवजा. उनका कहना था कि डीवीसी के अधिकारियों एवं इंजीनियरों की लापरवाही के कारण उनका सारा सामान बरबाद हो गया एवं घर क्षतिग्रस्त हो गया.

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फोटो-कोलकाता से आयी जांच टीम, टूटे पौंड की मरम्मत, रिकवरी पंप हाऊस में पानी, रिकवरी पैनल रुम में जमा पानी, टूटा सेटलिंग पौंड, टूटा रिकवरी पौंड, कोनार नदी में जा रही छाई

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