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मांगों को लेकर 70 हजार पुलिसकर्मी 20 को भूखे रह कर करेंगे ड्यूटी

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Ranchi : सात सूत्री मांगों को लेकर राज्य भर के 70 हजार पुलिसकर्मियों का आंदोलन शुरू हो गया है. पहले चरण के आंदोलन के तहत 12 से 14 फरवरी तक अपने वर्दी पर काला बिल्ला लगाकर काम किया. दूसरे चरण के आंदोलन के तहत राज्य भर के 70 हजार पुलिसकर्मी 20 फरवरी को एक दिवसीय उपवास करेंगे और भूखे रह कर अपनी ड्यूटी करेंगे.

पुलिस महानिदेशक के साथ वार्ता हो गयी थी भी विफल

बता दें कि 11 फरवरी को पुलिस मुख्यालय में झारखंड पुलिस एसोसिएशन, झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन और झारखंड पुलिस चतुर्थवर्गीय कर्मचारी संघ की पुलिस महानिदेशक के साथ हुई वार्ता विफल हो गयी थी. तीनों संघों के नेताओं ने कहा था कि कल से राज्य भर से 70 हजार पुलिसकर्मी आंदोलन करेंगे. तीनों संघों के प्रतिनिधयों की पुलिस मुख्यालय में झारखंड पुलिस के आलाधिकारियों के साथ बैठक हुई थी. इसकी अध्यक्षता झारखंड के पुलिस महानिदेशक ने की थी. इस बैठक में उपरोक्त तीनों संघों के प्रतिनिधियों के अलावा पुलिस मुख्यालय के सभी उपमहानिरीक्षक, महानिरीक्षक एवं अपर पुलिस महानिदेशक स्तर के पदाधिकारी के साथ ही पुलिस महानिदेशक मुख्यालय एवं अपर पुलिस महानिदेशक अपराध अनुसंधान विभाग उपस्थित थे. साथ ही साथ गृह विभाग के विशेष सचिव इकबाल आलम अंसारी भी उपस्थित थे.

 आंदोलन करने का लिया गया था निर्णय

11 फरवरी पुलिस संघों और आलाधिकारियों के बीच सात सूत्री मांगों को लेकर एक वार्ता हुई. इस बातचीत में दोनों पक्ष एक दूसरे सहमत नहीं हो पाये थे और वार्ता विफल हो गयी. तीनों संघ के पदाधिकारियों ने निर्णय लिया कि 12 फरवरी से 14 फरवरी तक सभी पुलिसकर्मी काला बिल्ला लगा कर काम करेंगे. जो कि सफलता पूर्वक आंदोलन पूरा हो गया. अब दूसरे चरण के आंदोलन के तहत 20 फरवरी को एक दिवसीय उपवास करने का निर्णय लिया गया है.

 तीन चरणों में आंदोलन करने का लिया है निर्णय

झारखंड पुलिस एसोसिएशन और पुलिस मेंस एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से झारखंड सरकार के खिलाफ अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन में जाने का निर्णय ले लिया है. आंदोलन की रणनीति दोनों एसोसिएशन की बैठक में तैयार कर ली गयी है. इसके तहत जहां प्रथम चरण में 12 से 14 फरवरी 2019 तक सिपाही संवर्ग से पुलिस निरीक्षक तक के सभी पुलिसकर्मी अपने वर्दी में काला बिल्ला लगा कर काम किए. वहीं दूसरे चरण में 20 फरवरी को सभी जिलों के पुलिसकर्मी भूखे रह कर ड्यूटी करेंगे. जबकि उनकी केंद्रीय टीम झारखंड पुलिस मुख्यालय के सामने उपवास पर बैठेगी. उस दिन राज्यभर के सभी पुलिसकर्मी उपवास रख कर बिना भोजन किये अपनी ड्यूटी करेंगे. तीसरे चरण में यदि उपरोक्त दो चरणों के कार्यक्रम के बावजूद सरकार दोनों संघों की मांगों को पूरा नहीं करती है, तो 28 फरवरी से 4 मार्च तक राज्य के सभी कनीय पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिसकर्मी 5 दिनों के सामूहिक अवकाश पर चले जायेंगे.

 क्या है सात सूत्री मांगें में

  •  झारखंड पुलिस एसोसिएशन और मेंस एसोसिएशन राज्य सरकार के द्वारा की जा रही सिपाही से सीधे एसआइ की भर्ती को रद्द करने की मांग कर रही है. एसोसिएशन के अनुसार अगर सिपाही को सीधे दारोगा बना दिया जायेगा तो कई लोगों का प्रमोशन बाधित हो जायेगा.
  • मुख्यमंत्री रघुवर दास ने एक कार्यक्रम के दौरान घोषणा की थी कि राज्य के पुलिसकर्मियों को 13 माह का वेतन दिया जायेगा. मुख्यमंत्री की घोषणा के 2 साल बीत जाने के बाद भी अभी तक यह व्यवस्था सरकार की तरफ से लागू नहीं की गयी.
  •  सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा के अनुरूप पुलिसकर्मियों के मिलने वाले भत्ते, वर्दी भत्ता, राशन मनी, धुलाई भत्ता, भोज भत्ता, प्रशिक्षण भत्ता, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में 25 प्रतिशत अतिरिक्त भत्ता एवं अन्य सभी भत्तों को निरंतर से लागू किया जाये. अपराध अनुसंधान विभाग, विशेष शाखा, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में पदस्थापित पुलिसकर्मियों को राज्य के जिला/ इकाई में पदस्थापित पुलिसकर्मियों की तरह वर्दी भत्ता दिया जाये.
  •  एसीपी/एमएसीपी कि लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कराया जाये और एसीपी के लिए काल गणना नियुक्ति की तिथि में की जाये. प्रशिक्षण की तिथि से गणना करने की नियमावली को संशोधित किया जाये.
  • शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रित पुत्र की नौकरी हेतु निर्धारित उम्र सीमा में अन्य आश्रितों की तरह अधिकतम उम्र सीमा की छूट दी जाये एवं आश्रित परिजनों को मिलने वाली राशि में से 25 प्रतिशत  उसके माता पिता को दी जाये.
  • नयी पेंशन नियमावली की जगह पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जाये.
  •  वरीय पुलिस पदाधिकारियों की तरह कनीय पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जाये और प्रतिपूर्ति की नियमावली को सरल बनाया जाये.

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