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पांच जुलाई के झारखंड बंद के दौरान उपद्रव करनेवालों से सख्ती से निपटेगा प्रशासन

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Ranchi : एडीजी अभियान आरके मलिक ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पांच जुलाई को झारखंड बंद के दौरान भारी संख्या में पूरे राज्य में पुलिस बल की तैनाती की जायेगी. उन्होंने कहा कि बंद समर्थक शांतिपूर्वक प्रदर्शन करें. विधि-व्यवस्था में किसी भी तरह का व्यवधान उत्पन्न करनेवालों से प्रशासन सख्ती से निपटेगा. एडीजी मलिक ने कहा कि सरकार की ओर से 41 महिला थाना खोलने की स्वीकृति दी गयी है. इसकी समीक्षा हमलोगों ने की है. पुलिस मुख्यालय द्वारा सभी जिले के एसपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की गयी है. उन्होंने कहा कि हिंसा और जबरदस्ती करनेवाले लोगों से सख्ती से निपटा जायेगा. पूर्व में हुए बंद के दौरान जहां घटनाएं हुई हैं, उसका आकलन किया जायेगा.

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दुष्कर्म के आरोपियों  ने सरेंडर नहीं किया, तो कुर्क होगी उनकी संपत्ति

वहीं, खूंटी में लड़कियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले पर एडीजी आरके मलिक ने कहा कि चिह्नित किये गये तीन आरोपी फरार हैं. एक आरोपी की पहचान नहीं हो पायी है. आरोपियों के खिलाफ जल्द ही न्यायालय से कुर्की-जब्ती का आदेश प्राप्त हो जायेगा.  जो तीन आरोपी चिह्नित किये गये हैं, अगर वे गिरफ्तार अथवा न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं होते हैं, तो आरोपी की चल-अचल संपत्ति कुर्क की जायेगी. हमें उम्मीद है कि शेष तीन अभियुक्तों को भी न्यायिक हिरासत में ले लिया जायेगा.

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लोगों को भ्रम में डाल रहा है पत्थलगड़ी का शीर्ष नेतृत्व

वहीं, पत्थलगड़ी के विषय में एडीजी अभियान आरके मलिक ने कहा कि इसके शीर्ष नेतृत्व ने लोगों को भ्रम में डालकर ग्रामीणों को ठगा है और उनका शोषण किया है. उनके विरुद्ध न्यायिक कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि शनिवार को प्रधान सचिव गृह, अपर पुलिस महानिदेशक विशेष शाखा के साथ खूंटी गया हुआ था. वहां पर प्रशासन को यह कहा गया कि जो लोग बहकावे में आ गये हैं, उन्हें भी दोषी माना जायेगा. 20 गांवों को चिह्नित किया गया है, जिनसे संवाद की स्थिति प्रारंभ हो गयी है. पत्थलगड़ी के बहकावे में आनेवाले लोगों को वस्तुस्थिति से अवगत करवाया जायेगा. इसकी तैयारी हो रही है. प्रशासन की ओर से खूंटी के ग्रामीणों के समक्ष सही तस्वीर रखने का प्रयास किया गया है. इसका फायदा यह हुआ है कि जिस गांव में पत्थलगड़ी हुई है, वहां भी पता चला है कि बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जो पत्थलगड़ी का हिस्सा नहीं होना चाहते थे, लेकिन भीड़ के समक्ष लोग असहाय हो गये और अपनी मौन स्वीकृति दे दी. एडीजी अभियान आरके मालिक ने कहा कि यूसुफ पूर्ति के घर से मिले दस्तावेजों की जांच के बाद उस पर कार्रवाई की जायेगी.

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