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कोरोना काल में जान हथेली पर काम करने वाली पोषण सखियों को 10 माह से नहीं मिला एक भी रुपया, सदन में उठी भुगतान की मांग

Ranchi : कोरोना काल में भी पोषण सखियों ने जान हथेली पर रखकर सरकारी आदेश पर बखूबी काम किया है. 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, किशोरी, बालिकाओं के लिये पौष्टिक आहार वितरण जैसे दायित्व को निभाया. उन्हें मेडिकल फैसिलिटी दिये जाने में भी काम उल्लेखनीय रहा है. स्थानीय प्रशासन द्वारा समय समय पर निर्वाचन कार्य, फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के अलावा कोरोना से बचाव के लिये प्रचार-प्रसार अभियान और वैक्सीनेशन प्रोग्राम को गति देने में भी उनसे सेवाएं ली गयी हैं. बावजूद इसके इन्हें पिछले 10 माह से एक रुपये का भी भुगतान नहीं किया गया है. पोषण सखियों ने कई बार इसके लिये सरकार से गुहार लगायी है. अब महागामा विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने विधानसभा के चालू सत्र में सरकार से निवेदन करते हुए उनके भुगतान के लिये निवेदन किया है.

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6 जिले में पोषण सखियों को भुगतान का इंतजार

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दीपिका पांडेय के मुताबिक 2016 में राज्य के 6 जिलों में अतिरिक्ति आंगनबाड़ी सेविका सह परामर्शी (पोषण सखी) का चयन किया था. इनमें गोड्डा, दुमका, धनबाद, चतरा, कोडरमा एवं गिरिडीह जैसे जिले शामिल हैं. इनकी नियुक्ति के संबंध में केंद्र से भी सहमति मिली थी. अब जबकि स्थानीय प्रशासन के स्तर से आवंटित दायित्वों का इन्होंने निर्वाहन किया है तो उन्हें इसके एवज में भुगतान भी किया जाना चाहिये. पर करीब एक साल (10 माह) का बकाये पैसे का भुगतान नहीं किये जाने से पोषण सखियों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति है. सरकार इनके बकाये का भुगतान कराये.

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