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चुनाव में एक महीने में सड़क बनवाने का सीएम ने किया था वादा, 50 दिनों बाद भी नहीं बदली तस्वीर

सीएम ने सड़क नहीं बनने पर अपना नाम बदल लेने की कही थी बात

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Ranchi: रांची के कांके विस क्षेत्र का सुकुरहुटू गांव. दिन रविवार 21 अप्रैल. चुनावी प्रचार के दौरान रघुवर दास के सामने ‘सीएम गो बैक’ के नारे लगे थे. रघुवर दास के सामने सड़क को लेकर विरोध किया गया था.

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सुकुरहुटू के ग्रामीणों ने बताया कि रघुवर दास ने उसी दिन 21 अप्रैल को एक महीने के अंदर सड़क निर्माण करा देने की बात कही थी. उसके बाद 10 मई को भी सीएम ने कहा था कि सुकुरहुटू की सड़क जर्जर हो चुकी है, डीपीआर भी बन चुकी है.

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एक महीने के अंदर काम शुरु हो जायेगा. अगर ऐसा नहीं हुआ तो मेरा नाम रघुवर दास नहीं. बावजूद मुख्यमंत्री के पहले दिन की घोषणा से 50 दिन और दूसरी घोषणा के 30 दिन पूरा हो जाने के बाद भी सड़क नहीं बनी है.

‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ के लगे थे नारे

रांची के सुकुरहुटू गांव में मुख्यमंत्री रघुवर दास, लोकसभा चुनाव के दौरान संजय सेठ के समर्थन में वोट मांगने गये थे. उसी दौरान भारी संख्या में ग्रामीणों ने कहा था कि वोट से पहले हमें रोड चाहिए.

रोड नहीं तो वोट नहीं और सीएम गो बैक जैसे नारे लगे थे. इसका विडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो गया था. ग्रामीणों के विरोध के बाद मुख्यमंत्री ने कहा था कि एक महीने के अंदर सड़क बना दी जायेगी.

उसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेस के माध्यम से भी 10 मई को भी एक महीने के अंदर रोड बना देने की बात कही थी.

बदहाल है गांव, सालों भर रहता है कीचड़

सुकुरहुटू गांव में सड़क सबसे प्रमुख मुद्दा है. ग्रामीणों का कहना है कि वे सबसे पहले सड़क निर्माण चाहते हैं. ग्रामीण कहते हैं कि पिछले 20 सालों से भी अधिक समय से सड़क की यही दुर्दशा है.

साल भर सड़क पर कीचड़ जमा रहता है. सर्दी, गर्मी बरसात हर समय कीचड़ रहता है. इतनी गर्मी में जब सारे शहर मे पानी की किल्लत है उस वक्त भी सुकूरहुटू में कीचड़ जमा हुआ है.

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काम चालू नहीं होने से ग्रामीण निराश

सड़क निर्माण का काम चालू नहीं हो पाने से ग्रामीण निराश हैं. ग्रामीण महिला ने कहा कि चुनाव और घोषणा के भी एक महीने हो जाने के बाद भी काम नहीं चालू हो पाया है. वो कहतीं हैं कि जो आता है वादा करके चला जाता है, काम नहीं होता है.

आखिर कब तक इंतजार करें हमलोग. गांव के ही एक युवक ने बताया कि सीएम ने एक महीने में सड़क निर्माण नहीं होने पर नाम बदल लेने की बात कही थी.

निर्माण नहीं हो पाया है और हमने हजार नामों का लिस्ट भी तैयार कर लिया है. अब सीएम खुद से नाम बदल लेंगे या हम रख दें यह वही बतायें.

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