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छोटे से गांव में वोट बहिष्‍कार की सुगबुगाहट, ग्रामीणों ने कहा ‘पानी नहीं तो वोट नहीं’

दुमका अंगरायडीह गांव में 450 की आबादी कर रही है पानी के लिए आंदोलन की तैयारी

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Dumka: जन प्रतिनिधि और विभाग की उदासीनता के कारण बेहराबांक पंचायत के अंगरायडीह गांव में एक मात्र चापाकल सालभर से खराब है. इससे गांववाले कई महीनों से पेयजल की संकट से जूझ रहे हैं. इससे निजात पाने के लिए ग्रामीणों ने अपने गांव में ग्रामीणों ने बैठक की. इस बैठक में उन्‍होंने तय किया कि पानी से जुड़ी समस्‍या का समाधान नहीं किया गया तो सभी गांव वाले मिलकर चुनाव के समय वोट मांगने वालें नेताओं का विरोध करेंगे. साथ ही चुनाव का बहिष्‍कार करेंगे. ग्रामीणों का कहना है कि इसके लिए ब्लॉक और मुखिया से भी शिकायत की गयी. इसके बावजूद अभी तक इसकी मरम्‍मत नहीं की गयी है.

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चुनाव के वक्‍त नेता हाथ जोड़ते हैं, जनसमस्‍या के समय कोई सामने नहीं आता

करीब 450 की जनसंख्या के इस गांव में यह एक मात्र चापाकल है. चापाकल खराब रहने के कारण गांव में जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. ग्रामीण पड़ोस के गांव से किसी तरह पीने की पानी लाकर अपना काम चला रहे हैं. ग्रामीणों का यह भी कहना है कि हम ग्रामीणों की सुध लेने वाला कोई नहीं है. जब चुनाव आते हैं तो सभी जन प्रतिनिधि हाथ जोड़कर वोट मांगने घर-घर पहुंच जाते हैं. लेकिन, जब गांव में कोई जन समस्या होती है तो कोई भी जन प्रतिनिधि सामने नहीं आते हैं.

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खराब चापाकल की मरम्‍मती के साथ नये की भी मांग

ग्रामीणों ने कहर है कि कि जल्द से जल्द चापाकल की मरम्मत की जाय. साथ ही गांव में नये चापाकल लगवाये जायें. अगर समस्या का समाधान नहीं किया जाता है तो सभी ग्रामीण वोट का बहिष्कार करेंगे. इस मौके में संजय मुर्मू, सुकलाल मुर्मू, दिलीप मुर्मू, संतोष मुर्मू, बुदिलाल किस्कू, सुनील सोरेन, मालती टुडू, मेनका टुडू, अंजलि मुर्मू, लिलामुनी हांसदा, चुटकी हांसदा, मोहन किस्कू, मिस्त्री सोरेन, सुबोध मरांडी, साहिल सोरेन, सुनील किस्कू, सनातन मुर्मू के साथ काफी संख्या में महिला और पुरुष उपस्थति थे.

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