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दुमका : ग्रामीणों ने लिया फैसला, सरकार की विकास योजनाओं की खुद करेंगे निगरानी

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Dumka : राज्य की उपराजधानी दुमका जिला सरकार की बेरुखी का दंश झेल रहा है. एक ओर जिले के कई गांवों की सड़कें बेहल हैं, वहीं जिले के सरवा पंचायत के अंतर्गत जोगीडीह गांव में मुखिया मंजूलता सोरेन और जॉन मुर्मू की संयुक्त अध्यक्षता में जोगीडीह और करमडीह गांव के ग्रामीणों ने गांव के विकास और समस्याओं को लेकर बैठक की. बैठक में ग्रामीणों ने पंचायत में चलनेवाली विकास योजनाओं की खुद निगरानी करने का निर्णय लिया, ताकि कार्य की गुणवत्ता बनी रहे.

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ग्रामीणों ने स्कूल, आंगनबाड़ी को सुदृढ़ करने का लिया फैसला

बैठक में सभी ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि गांव में प्रतेक सप्ताह पंचायत के सभी गांव में सफाई अभियान चलाया जायेगा. गांव में शिक्षा के प्रति जागरूकता अभियान चलाने की बात ग्रमीणों ने बैठक में रखी. कहा गया कि जिन परिवार के बच्चे स्कूल-आंगनबाड़ी नहीं जाते हैं, उनके परिवार को शिक्षा के महत्व को समझाया जायेगा और बच्चे को हर हाल में स्कूल, आंगनबाड़ी जाने के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा. बैठक में ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं (वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, लाल कार्ड, राशन कार्ड आदि) से अवगत कराया गया. साथ ही, पूरी पंचायत में ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ कैसे लेना है, उसके लिए ग्रामीणों को सहयोग करने की बात तय हुई, ताकि ग्रामीणों को किसी दलाल के हाथों काम नहीं कराना पड़े. साथ ही फैसला लिया गया कि अभियान चलाकर ग्रामीणों को नशा के दुष्परिणाम को बताया जायेगा.

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गांव को नशामुक्त बनाने के लिए चलाया जायेगा अभियान

ग्रामीणों ने गांव की बदहाली का एक बड़ा कारण नशे की लत को माना. वहीं, पंचायत को नशामुक्त बनाने का प्रयास करने का निर्णय हुआ. साथ ही, ग्राम सभा को और सशक्त और मजबूत किया जायेगा और सभी की भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी. ग्रामीणों ने उन असामाजिक तत्वों पर भी चर्चा की, जो आये दिन गांव के खेतों, झाड़ियों में दारू पीकर शीशा फोड़ देते हैं और अनावश्यक रात में अड्डाबाजी करते हैं. इन सभी असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जायेगी और गांव में इन्हें घुसने नहीं दिया जायेगा. इसके साथ ही, उन बाहरी लोगों पर भी नजर रखी जायेगी, जो बाहर से आकर गांव के खेतों में खुले में शौच करते हैं और गांव में प्रदूषण फैलाते हैं. ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से गांव के सर्वांगीण विकास के लिए संताल हूल के महानायक चांद मुर्मू और भैरव मुर्मू के नाम समर्पित ‘चांद-भैरव मुर्मू जुवान अखाड़ा’ नामक सामाजिक संगठन का गठन किया. इसका अध्यक्ष गुलशन मुर्मू, सचिव मीरू हांसदा, उपसचिव संतोषिनी बेसरा को बनाया गया. साथ ही कार्यकारिणी समिति के सदस्य के रूप में विमल मुर्मू, प्रेम प्रकाश मुर्मू, प्रकाश मुर्मू, पतरास मुर्मू, थियोदेसिस मुर्मू आदि को चुना गया.

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बैठक में ये रहे मौजूद

इस बैठक में संतोष हेम्ब्रोम, बबलू मुर्मू, सिमोन किस्कू, शंकर राणा, जोसेफ मुर्मू, पानसूरी मरांडी, सावित्री हांसदा, नेबल राणा, ललिता देवी, शिव शंकर हेम्ब्रोम, जॉन मुर्मू, नेहा मुर्मू, दिलीप मुर्मू के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला और पुरुष उपस्थित थे.

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