न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

दुमका : पेयजल संकट से जूझ रहा है तारादह गांव, ग्रामीण बोले- पानी नहीं, तो वोट भी नहीं

72

Dumka : रानेश्वर प्रखंड की तालडंगाल पंचायत के तारादह गांव कई वर्षों से पेयजल संकट से जूझ रहा है. 70 घरों वाला यह गांव सिर्फ एक चापाकल और एक कुआं पर निर्भर है. गांव में लगे चापाकलों में से कुछ एक वर्ष से खराब हैं, तो कुछ आठ वर्षों से खराब पड़े हैं. इसके कारण गांव में पेयजल की किल्लत है. इसका नतीजा यह है कि ग्रामीण मजबूरन झरना, नाला का पानी पीने को विवश हैं. ग्रामीणों का कहना है कि प्रदूषित पानी पीने से बीमारी होती है, लेकिन कोई उपाय भी तो नहीं है, मजबूरन प्रदूषित पानी पीना ही पड़ता है. ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि जो मिस्त्री खराब चापाकल की मरम्मत करने आये, उन्होंने चापाकल के सामान भी गायब कर दिये हैं. ग्रामीणों का यह भी कहना है कि इस मामले में विभाग और जनप्रतिनिधि उदासीन हैं. ग्रामीणों ने मन बना लिया है कि पानी के बिना अबकी बार वोट नहीं दिया जायेगा. ग्रामीण आधा किलोमीटर दूर से झरना, नाला का पानी पीने के लिए लाते हैं. ग्रामीणों ने थक-हारकर मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र में शिकायत दर्ज करवायी है.

दुमका : पेयजल संकट से जूझ रहा है तारादह गांव, ग्रामीण बोले- पानी नहीं, तो वोट भी नहीं

कौन सा चापाकल कितने वर्षों से है खराब है

  1.  रामनाथ गोराई के घर के सामने का चापाकल करीब आठ वर्ष से खराब है.
  2.  तारादह प्राथमिक स्कूल का चापाकल करीब पांच वर्ष से खराब है.
  3.  रुबिलाल किस्कू के घर के सामने का चापाकल लगभग तीन वर्ष से खराब है.
  4.  सुनील मुर्मू के घर के सामने का चापाकल लगभग तीन वर्ष से खराब है.
  5.  निताय गोराई के घर के सामने का चापाकल लगभग एक वर्ष से खराब है.
  6.  ग्राम प्रधान भुटू मुर्मू के घर के सामने का चापाकल करीब एक वर्ष से खराब है.

इसे भी पढ़ें- कोलेबिरा उपचुनावः मेनन एक्का को मिला गुरुजी का आशीर्वाद

इसे भी पढ़ें- जल संसाधन विभाग का हाल : दिलाना था मुख्य अभियंता का प्रभार तो बदल दिये गये 209 इंजीनियर्स

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like

you're currently offline

%d bloggers like this: