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दुमका :  बाली फुटवेयर, बासुकी अगरबत्ती, मयूराक्षी सिल्क के बाद शगुन सुतम्

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  • महिलाओं के जीवन स्‍तर सुधारने में उपायुक्‍त दुमका की एक और पहल, बदलेगी बाबुपुर गांव की तस्‍वीर

Dumka :  उपायुक्त मुकेश कुमार ने हरिपुर पंचायत के बाबुपुर गांव में जिला का पहला शगुन सुतम् केंद्र का फीता काटकर उद्घाटन किया. महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें स्वावलंबी एवं सशक्त बनाने का एक और अनुठा प्रयास जिला प्रशासन द्वारा किया गया है. बाली फुटवेयर, बासुकी अगरबत्ती, मयूराक्षी सिल्क के बाद शगुन सुतम् के माध्यम से आजिविका सखी मंडल की महिलाएं स्कूल के छात्र-छात्राओं के लिए पोशाक तैयार करेंगी. जिले में कुल 4 शगुन सुतम् केंद्र (सदर प्रखंड के बाबूपुर, हथियापाथर, मसलिया प्रखंड के, भैरवपुर,  जामा एवं काठीकुंड के नारगंज) में खोला जायेगा.

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पहले 30 महिलाओं को पोशाक की सिलाई में निपुण किया जायेगा

शगुन सुतम् केंद्र में महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण दिया जायेगा. प्रशिक्षण के बाद ये महिलायें स्कूल के लिए पोशाक तैयार करेंगी. शुरूआती दौर में 30 महिलाओं को पोशाक की सिलाई में निपुण किया जायेगा. इस केंद्र में बिजली आधारित मशीनों से ट्रेनिंग दी जायेगी. इसके अलावा इस केंद्र में आधुनिक एम्ब्रोडरी मशीन, बटन लगाने का आटोमेटिक मशीन तथा कपड़ा प्रेस करने के लिए स्टीम आयरन भी लगाया गया है. उपायुक्त ने एसएचजी की महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि शगुन सुतम् का उद्घाटन मुख्यमंत्री ने बासुकिनाथ में श्रावणी मेला 2018 के उद्घाटन समारोह में किया था. आज बाबुपुर गांव में इसका शुभारंभ किया गया.

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पूरे प्रोजेक्ट की सफलता आपके समर्पण तथा ईमानदारी पर निर्भर

उन्होंने कहा कि बड़ी उपलब्धियों के लिए बड़ा काम जरूरी नहीं है. छोटे छोटे कार्य करके भी बड़ी उपलब्धि हासिल किया जा सकता है. जिस तरह बालीजोर की महिलाएं बाली फुटवेयर का निर्माण कर तथा बेदिया की महिलाएं बासुकी अगरबत्ती बनाकर गांव तथा अपने जीवन को बदलने का कार्य किया है. उसी प्रकार बाबुपुर की महिलाओं से अपेक्षा है कि सकारात्मक सोच, उत्साह एवं उर्जा के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करें और अपने आपको सक्षम एवं आत्मनिर्भर बनायें. उन्होंने उपस्थित महिलाओं से कहा कि इस पूरे प्रोजेक्ट की सफलता आपके समर्पण तथा ईमानदारी पर निर्भर करती है.

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दुमका का शगुन सुतम् भी प्रसिद्ध होगा : डीडीसी

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त वरूण रंजन ने कहा कि जिला प्रशासन हर संभव मदद प्रदान करेगा. आपसे केवल ये अपेक्षा है कि आप इसे अपना कार्य समझें. आपका कार्य जितना अधिक होगा. अपकी आमदनी उसी अनुपात में बढ़ेगी. अगर आपने पूरी उर्जा एवं लगन से काम किया तो मुझे यह विश्वास है कि जिस तरह गुजरात का अमूल (एएमयूएल) पूरे देश भर में प्रसिद्ध है.

उसी प्रकार आने वाले समय में दुमका का शगुन सुतम् भी प्रसिद्ध होगा. इस अवसर पर जिला योजना पदाधिकारी अरूण कुमार द्विवेदी, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी सैयद राशिद अख्तर, प्रखंड विकास पदाधिकारी संजय कुमार, डीपीएम आशियानी, मुखिया, ट्रेनिंग पार्टनर अजीत तथा बड़ी संख्या में एसएचजी की महिलाएं उपस्थित थीं.

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