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दुमकाः आदिवासी युवती से गैंगरेप केस में 11 दोषियों को आजीवन कारावास

2017 के केस में दुमका कोर्ट का फैसला, दोषियों को 20-20 हजार का जुर्माना भी

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Dumka: आादिवासी युवती से सामूहिक दुष्कर्म मामले में सोमवार को दुमका सिविल कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया. न्यायाधीश पवन कुमार की कोर्ट ने 11 दाषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. साथ ही 20-20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है.

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एक आरोपी अब भी फरार

जुर्माना नहीं देने पर एक साल की सजा और काटनी होगी. इस मामले में पांच नाबालिग आरोपियों के खिलाफ जुवेनाइल कोर्ट में केस चल रहा है. वहीं एक आरोपी नीरज हांसदा अब तक फरार है.

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इन्हें हुई सजा

कोर्ट ने जॉन मुर्मू, अलविनुस हेम्ब्रम, जयप्रकाश हेम्ब्रम, सुभाष हांसदा, सुरज सोरेन, मार्शेल मुर्मू, दानियल किस्कू, सुमन सोरेन, अनिल राणा, शैलेंद्र मरांडी और सद्दाम अंसारी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.

2017 में हुई थी घटना

06 सितम्बर 2017 की देर शाम मुफस्सिल थाना क्षेत्र के श्रीअमड़ा मोड़ से ग्राम दिग्घी में 19 वर्षीय पीड़िता अपने ब्वॉय फ्रेंड के साथ घूमने के लिए गई थी और शाम करीब 7 बजे लौट रही थी.

इसी दौरान दोनों को चार-पांच लड़कों ने दोनों को घेर लिया. चार हजार रुपये और मोबाइल यह कह कर मांगा कि तुम लोग गलत काम करने आए हो. पीड़िता और उसके दोस्त के साथ मारपीट की.

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फोन कर बुलाने पर पहले स्कूटी से दो-तीन लड़के वहां पहुंचे. इधर पैदल और बाइक से 10-12 अन्य लड़के भी पहुंचे. सभी ने पीड़िता और उसके दोस्त को घेर लिया था. सभी ने पीड़िता के साथ रेप किया था. फिर युवती को तालाब में नहलाया और दोस्त के पास छोड़कर फरार हो गए थे.

पीड़िता के बयान पर दुमका मुफस्सिल थाना में भादवि के धारा 323, 341, 342, 387, 376(डी), 504, 506, 201/ 34 के तहत प्राथमिकी (कांड संख्या 97/17) दर्ज की गई थी. जिसमें 8 युवकों दानियल, अनिल, सूरज, सदाम, शहबाज, कुर्बान, इमरान और जियाउल को नामजद आरोपी बनाया गया था.

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मामले की जांच के लिए पुलिस टीम का किया था गठन

तत्कालीन एसपी मयूर पटेल कन्हैयालाल ने घटना की जांच और मामले में त्वरित कार्रवाई के लिए एक पुलिस टीम का गठन किया था, जिसमें तत्कालीन डीएसपी मुख्यालय अशोक कुमार सिंह, थाना प्रभारी मुफस्सिल विनय सिन्हा, नगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज ठाकुर को रखा गया था.

गैंगरेप की घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र में हुई थी, जबकि इस केस के अनुसंधानकर्ता दुमका नगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज ठाकुर को बनाया गया था.

पुलिस ने घटनास्थल से एक स्कूटी, पीड़िता के कपड़े, हेयरपिन, चाकू और साक्ष्य के लिहाज से कई अन्य सामानों को बरामद किया था. अनुसंधानकर्ता ने इस केस में साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की भी मदद ली थी.

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