न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें
bharat_electronics

कोलकाता में पांच दौर की वार्ता के बाद भी नहीं हो सका डीवीसी के सप्लाई मजदूरों का पे-रिवीजन

80 फीसदी मजदूरों का होगा आखिरी पेरिवीजन समझौता

97

Bermo: डीवीसी बोकारो थर्मल के 650 एवं चंद्रपुरा के 400 कुल 1050 सप्लाई मजदूरों के पे-रिवीजन की मांग का समझौता कोलकाता मुख्यालय में पांच दौर की वार्ता के बाद भी पूरा नहीं किया जा सका है. 13 दिसंबर को बेनतीजा रहे वार्ता के बाद सप्लाई मजदूरों की उम्मीदें अगली वार्ता की तिथि निर्धारण पर टिकी हुई है.

mi banner add

डीवीसी अध्यक्ष ने पे-रिवीजन की मांग को लेकर बनायी थी कमेटी-सप्लाई मजदूरों की संयुक्त मोर्चा में शामिल डीवीसी ठेका मजदूर संघ, यूसीडब्ल्यूयू, एचएमकेयू, इंटक के प्रतिनिधियों में भरत यादव, अमरजीत सिंह, संजय मिश्रा, ब्रजकिशोर सिंह, नवीन कुमार पाठक, असीम तिवारी, आरपी केडिया, सरजू यादव, प्रमोद सिंह, दूधनाथ प्रसाद तथा नागेश्वर महतो की पे-रिवीजन की मांग के बाद डीवीसी के कार्यकारी अध्यक्ष पीके मुखोपाध्याय के निर्देश पर डीवीसी के अधिकारियों में से वरीय अपर निदेशक एचआर संजय प्रियरंजन, उप निदेशक अजीत कुमार, वरीय प्रबंधक वित्त अमल सरकार, बोकारो थर्मल के वरीय अपर निदेशक पीके सिंह तथा चंद्रपुरा के अपर निदेशक सुबोध मिश्रा की एक कमेटी बनायी गयी थी. गठित कमेटी सप्लाई मजदूरों की संयुक्त मोर्चा से उनकी मांगों को लेकर वार्ता कर डीवीसी अध्यक्ष को अवगत कराने का काम करेगी.

पांच बार हो चुकी है वार्ता-डीवीसी मुख्यालय की ओर से गठित कमेटी के द्वारा संयुक्त मोर्चा के साथ विगत् 2 मई 2018 से लेकर 13 दिसंबर 2018 के दरम्यान पांच दौर की वार्ता की जा चुकी है. लेकिन वार्ता बेनतीजा ही रही है.

मांग को लेकर कहां फंसा है पेंच

संयुक्त मोर्चा की ओर से सप्लाई मजदूरों के लिए पे-रिवीजन को लेकर उनको दिये जाने वाले कुल वेतन का 38 हजार रुपये भुगतान करने की मांग शामिल है. जबकि पांचवीं बार की संपन्न 13 दिसंबर को वार्ता में डीवीसी मुख्यालय के अधिकारियों ने संयुक्त मोर्चा की जो मांग को मान लेने का प्रस्ताव रखा वह कुल वेतनमान 20725 रुपया का ही था.

पड़ेगा डीवीसी पर सालाना 55 लाख रुपये का अतिरिक्त भार

वार्ता में डीवीसी के द्वारा गठित कमेटी के अधिकारियों का कहना था कि सप्लाई मजदूरों को पे-रिवीजन के तहत यदि 20725 रुपये का भुगतान किया जाता है तो डीवीसी के उपर सालाना 55 लाख रुपये का अतिरिक्त भार आयेगा. कमेटी का कहना था कि सप्लाई मजदूरों को दिये जाने वाले वेतन भुगतान से 10 फीसदी कमीशन ठेकेदार को तथा 18 फीसदी का भुगतान जीएसटी को करना पड़ेगा.

सप्लाई मजदूरों को खुद डीवीसी करे भुगतान

सप्लाई मजदूरों को भुगतान के एवज में डीवीसी को जो 55 लाख रुपये ठेकेदार और जीएसटी के भुगतान में करना पड़ता है. उससे निजात के लिए डीवीसी खुद सप्लाई मजदूरों को संविदा पर काम करने वाले डॉक्टरों, नर्सिंग स्टॉफ और शिक्षकों की तरह करें. वर्तमान में उपरोक्त सभी को भुगतान खुद डीवीसी ही करता है.

80 फीसदी मजदूरों का होगा आखिरी पे-रिवीजन

सप्लाई मजदूरों में से 70 से 80 फीसदी ऐसे सप्लाई मजदूर हैं जिनका वर्तमान पे-रिवीजन आखिरी पे-रिवीजन साबित होगा. 80 फीसदी सप्लाई मजदूर अगले पेरिवीजन तक अवकाश ग्रहण कर जायेंगे. इसलिए उनके पेंशन के लिए वर्तमान पे-रिवीजन काफी महत्वपूर्ण स्थान रखता है.

मांग नहीं मानी गयी तो होगा चरणबद्ध आंदोलन

डीवीसी ठेका मजदूर संघ के महामंत्री भरत यादव तथा यूसीडब्ल्यू के अध्यक्ष ब्रजकिशोर सिंह का कहना है कि मंगों को लेकर अगर आगामी बैठक भी बेनतीजा रही तो संयुक्त मोर्चा चरणबद्ध आंदोलन के लिए  बाध्य होगा. इसके तहत धरना, प्रदर्शन, टूल डाउन हड़ताल, अधिकारी घेराव और गेट जाम आंदोलन किया जाएगा. जिसकी सारी जवाबदेही डीवीसी के स्थानीय एवं मुख्यालय प्रबंधन की होगी.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

dav_add
You might also like
addionm
%d bloggers like this: