न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

राज्य के सूखा प्रभावित 129 प्रखंडों में खराब पड़े ट्यूबवेल होंगे दुरुस्त

268
  • सभी जिले खराब ट्यूबवेल और लघु ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं की सूची भेजें
  • विभागीय सचिव ने जियो टैगिंग के तहत खराब चापाकल की स्थिति पर मांगी रिपोर्ट

Ranchi: पेयजल और स्वच्छता विभाग ने राज्य के सूखा प्रभावित 129 प्रखंडों में खराब पड़े ट्यूबवेल को दुरुस्त करने का निर्णय लिया है. इन खराब पड़े ट्यूबवेल (चापाकलों) की तसवीर जियो टैगिंग के जरिये प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) को भेजने का निर्देश दिया गया है. विभागीय सचिव आराधना पटनायक ने सभी जिलों के उपायुक्त, सभी प्रमंडल के अधीक्षण अभियंता और कार्यपालक अभियंताओं को खराब पड़े चापाकलों की विशेष मरम्मत के आदेश दिये हैं.

ग्रामीणों को 24 घंटे पानी उपलब्ध कराना जरूरीः पटनायक

आराधना पटनायक ने कहा है कि सुखाड़ की स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों को 24 घंटे पीने का पानी उपलब्ध कराना जरूरी है. इसलिए सूखा प्रभावित इलाकों में बंद पड़े ट्यूबवेल की विशेष मरम्मत, राइजर पाइप बदलने का काम जल्द से जल्द शुरू किया जाये. वैसी लघु ग्रामीण जलापूर्ति योजनाएं जो मामूली तकनीकी कारणों से बंद पड़ी हैं, उन्हें भी जल्द चालू करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है. सभी बंद पड़े जल के स्रोतों की जियो टैगिंग करने के आदेश दिये गये हैं. जियो टैगिंग करने के लिए क्षेत्र के लैटीट्यूड और लांगीट्यूड के साथ उसकी तसवीर भारत सरकार के वेब पोर्टल इंडियावाटर.गोव.इन पर अपलोड करने को कहा गया है. राष्ट्रीय ग्रामीण जलापूर्ति कार्यक्रम के तहत यह कार्य कराने को कहा गया है. श्रीमती पटनायक ने कहा है कि लघु ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं की मरम्मत का प्रस्ताव भी मुख्यालय भेजा जाये, ताकि उसकी स्वीकृति जल्द दी जा सके. सभी जिलों से प्रस्ताव भेजने को कहा गया है, ताकि जनवरी के पहले सप्ताह तक विशेष मरम्मत के लिए सरकार की तरफ से राशि निर्गत की जा सके.

इसे भी पढ़ें – अपर मुख्य सचिव केके खंडेलवाल को नहीं मिला वीआरएस, सेवा में बने रहेंगे

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: