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पैसों के अभाव में नहीं हो सका इलाज, 5 दिन की बच्ची की मौत

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Dhanbad: बुधवार को जिस बच्ची की लाश धनबाद के महुदा थाना क्षेत्र में मिली थी, उसकी मां ने जो बातें बतायीं वह मानवता को झिंझोरती हैं. उस महिला की प्रसव पीड़ा अभी खत्म नहीं हुई थी कि डॉक्टरों ने उसे बताया कि उसकी बच्ची के दिल में छेद है. बेहतर इलाज होने पर ही उसकी जान बच सकती है. उस बच्ची का जन्म का जन्म जोड़ा फाटक के एक निजी अस्पताल में हुआ था. चिकित्सकों ने उसे रांची के हायर सेंटर रेफर कर दिया.

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बोकारो के अस्पताल में भर्ती कराया था

जिस टैक्सी से वो अपनी बेटी को लेकर रांची के लिए चली, उसके ड्राइवर ने उसे बरगलाकर बोकारो के मुस्कान अस्पताल में भर्ती करा दिया. वहां भर्ती कराने के बाद नवजात को लाइफ स्पोर्ट सिस्टम पर रखा गया और चिकित्सकों ने बताया कि इलाज में काफी खर्च आएगा. जल्द ही इलाज शुरू हो इसके लिए मोटी रकम अस्पताल में जमा कराने को कहा. लेकिन उसके पास इतने पैसे नहीं थे और मजबूरन उसे अपनी बच्ची को लाइफ स्पोर्ट सिस्टम से बाहर निकलवाना पड़ा. सपोर्ट सिस्टम के हटने के कुछ समय बाद नवजात की मौत हो गयी. बच्ची ने मां की बाहों में दम तोड़ दिया. वह बदहवास होकर वापस घर लौट रही थी. उसी समय बदहवास मां जो कुछ सोचने समझने की स्थिति में नहीं थी, अपनी बच्ची को महुदा के निकट एक पेट्रोल पंप पर छोड़ दिया. अहले सुबह महुदा थाना बाजार स्थित पेट्रोल पंप के पास सड़क के किनारे लोगों ने नवजात बच्ची का शव देखा. शव को देखते ही घटनास्थल पर आसपास के लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई. जिसके बाद इस मामले की सूचना थाना को दी गई नवजात के शरीर पर जो कपड़ा पहनाया गया था, उस पर बोकारो के मुस्कान हॉस्पिटल का नाम लिखा हुआ था. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और तहकीकात शुरू की. महुदा थानेदार ने बताया कि बच्ची की मां को बुलाकर पोस्टमार्टम के बाद शव को सुपुर्द कर दिया गया है. रांची से तीन सदस्यीय टीम भी आई थी जो छानबीन कर के चली गई.

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क्या कहती है बच्ची की मां

बच्ची की मां ने बताया कि उसका ससुराल गया में है और वह अपने पति के साथ कुछ दिन पहले अपने मायके जोड़ा फाटक आयी थी. घर के पास स्थित निजी अस्पताल में बच्ची ने जन्म लिया. तब डॉक्टर ने कहा कि बच्ची के दिल में छेद है. वह अकेले ही बच्ची को लेकर इलाज के लिए निकली थी. पैसे के अभाव में इलाज नहीं करा पायी, जिससे बच्ची ने दम तोड़ दिया. बच्ची की मौत हो जाने से वह अपना मानसिक संतुलन खो बैठी और पेट्रोल पंप के पास छोड़कर घर चली गयी.

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